'इस्लाम विरोधी है योग, स्कूली पाठ्यक्रम से हटाया जाए'
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देश में मुसलमानों की सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तन-मन को स्वस्थ रखने के पारंपरिक भारतीय तरीके योग को इस्लाम विरोधी करार देते हुए इसे स्कूल पाठ्यक्रम से हटाने को कहा है। बोर्ड ने सूर्य नमस्कार और योग को स्कूली पाठ्यक्रम में अनिवार्य बनाए जाने के राजस्थान सरकार के फैसले पर आपत्ति जताते हुए इस फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।
बोर्ड ने कहा कि मुसलमान इसका बायकॉट करेंगे। राशन कार्ड में परिवार की महिला का नाम बतौर मुखिया दर्ज किए जाने पर भी बोर्ड ने ऐतराज जताया है। बोर्ड ने कहा कि यह शरीयत कानून के खिलाफ है, क्योंकि पर्दे के चलते महिला को पुरुष से आगे नहीं किया जा सकता।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में अपनी मुख्य कार्यकारिणी की बैठक की समाप्ति के मौके पर बोर्ड ने यह बात कही। बोर्ड अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी ने कहा कि मुसलमान सूर्य की आराधना नहीं कर सकता। शरीयत इसकी इजाजत नहीं देता है। इसलिए इसे स्कूलों में लागू नहीं किया जाना चाहिए। मौलाना ने कहा कि बाबरी मस्जिद का मसला सुप्रीम कोर्ट में ही तय होगा। बाहर किसी तरह की बातचीत नहीं की जाएगी।
बोर्ड ने मोदी पर साधा निशाना
बोर्ड के सहायक महासचिव अब्दुल रहीम कुरैशी ने कहा कि हमारे धर्म को प्रभावित करने वाली ऐसी घोषणाएं करने की बजाय केंद्र और राज्य सरकारों को विकास और शांति की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक किताबों को छात्रों के पाठ्यक्रम में शामिल नहीं करना चाहिए।
बोर्ड ने कहा कि घर वापसी पर मोदी ने अब तक कोई बयान नहीं दिया है। कुरैशी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘देश में नरेंद्र मोदी की सरकार के आने के बाद हालात बदतर हो चले हैं और हम इसे लेकर चिंतित हैं। न सिर्फ मुसलमान बल्कि ईसाई भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
आरएसएस के खिलाफ आंदोलन
बोर्ड ने आरएसएस जैसे हिंदू संगठनों के खिलाफ देश को फासीवादी मुल्क में तब्दील करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। बोर्ड ने कहा कि अल्पसंख्यकों में भरोसा कायम करने के लिए उसकी ‘संवैधानिक अधिकार रक्षा समिति’ देश भर में अभियान चलाएगी।
विहिप नेता उगल रहे जहर
बोर्ड के सहायक महासचिव कुरैशी ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल, प्रवीण तोगड़िया और साध्वी प्राची जैसे लोग अल्पसंख्यकों के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हिंदू संगठन घर वापसी जैसे कार्यक्रम चला रहे हैं।
मोदी के खास जफर को लौटना पड़ा
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान मोदी के खास माने-जाने वाले प्रसिद्ध कारोबारी जफर सरेशवाला को बैठक से जाने को मजबूर होना पड़ा। दरअसल कुछ सदस्यों ने उनकी मौजूदगी पर आपत्ति जताई थी, जिसके चलते उन्हें वहां से जाना पड़ा।
इससे नाराज जफर ने बोर्ड को कुछ राजनीतिक दलों का विस्तारित रूप करार दिया। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी की बोर्ड के साथ बैठक की सरेशवाला की सलाह को भी खारिज कर दिया गया। सरेशवाला ने कहा कि बोर्ड अगर जिद पर इसी प्रकार कायम रहा तो कुछ दिनों में अपनी प्रासंगिकता खो देगा।
हज कमेटी द्वारा कुर्बानी का पैसा लेने का विरोध
बोर्ड ने कहा कि हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा हज आवेदकों से कुर्बानी का पैसा लेना जायज नहीं है। हाजियों को अपनी इच्छा से कुर्बानी कराने की आजादी होनी चाहिए। हज कमेटी इसे इसी साल लागू करे।