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'लव जेहाद की इस्लाम में नहीं इजाजत'

Wed, 10 Sep 2014 01:21 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 10 Sep 2014 01:21 PM IST
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muslim law board denounce ‘love jihad’, call it illegal.

देश के सबसे बड़े मुस्लिम संगठन दारुल उलूम और उलेमा-ए हिंद ने 'लव जेहाद' के खिलाफ फतवा जारी किया है।

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फतवे में दारुल उलूम ने कहा है कि हिंदू लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन कराके उनसे शादी करना इस्लाम के खिलाफ है। इसलिए मुस्लिम युवा ऐसी शादियां न करें।

वहीं इस मौके उलेमा ए हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने मुस्लिम युवाओं को आगाह किया है कि वह इस तरह की शादियों से बचें जिससे की भाजपा को पूरे समुदाय के खिलाफ बोलने का मौका मिलता है।
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मदनी इस फतवे के साथ मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मोदी अपनी पार्टी के नेताओं को लव जेहाद पर गलत तथ्य पेश करने से रोकें।

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पर्सनल लॉ बोर्ड भी 'लव जेहाद' के खिलाफ

muslim law board denounce ‘love jihad’, call it illegal.

दारुल उलूम और उलेमा ए हिंद के बाद अब ऑल ‌इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) भी 'लव जेहाद' के विरोध में उतर आया है।

एआईएमपीएलबी ने कहा है कि शादी के लिए किसी का जबरन धर्म परिवर्तन कराना आपराधि‌क काम है। ऐसा करने वालों को कानून के मुताबिक सजा का भी प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इस्लाम इस तरह की शादियों को मान्यता नहीं देता।

वहीं दारुल उलूम के प्रेस सचिव अशरफ उस्मानी ने कहा कि लड़की अगर शादी के उद्देश्य से इस्लाम स्वीकार भी कर लेती है तो भी ऐसी शादियों को मान्यता नहीं देना चाहिए।

ऐसे काम जिनसे इस्लाम बदनाम हो उनसे लोगों को बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गलती से पूरा मुस्लिम समाज बदनाम हो रहा है।

उन्होंने कहा कि लव ‌जेहाद एक समाजिक बुराई के रूप में उभर रहा है और इस सामाजिक बुराई को दूर करने लिए हम सब को प्रयास करना होगा।

वहीं मदनी ने प्रधानमंत्री मोदी से गुजारिश की उनके नेताओं ओर से एक समुदाय विशेष पर निशाना साधना बंद होना चाहिए क्योंकि उन्होंने चुनाव के वक्त सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था। उन्होंने आगे कहा कि वह मामले पर बात करने और उसका हल निकालने के लिए तैयार हैं।

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