संघ के इशारे पर जोशी ने किया था मोदी पर हमला!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मीडिया और चुनाव प्रचार में चल रही नरेंद्र मोदी की लहर को मोदी की बजाय भाजपा की लहर वाला वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी का बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इशारे के बाद दिया गया।
राजनाथ सिंह ने भी भाजपा और मोदी को एक बताकर अपरोक्ष रूप से संघ की इसी लाइन को आगे बढ़ाया कि मोदी भाजपा से इतर या ऊपर नहीं हैं। बताया जाता है कि संघ नेतृत्व ने राजनाथ से भी कहा कि आप भाजपा के अध्यक्ष हैं किसी व्यक्ति विशेष के नहीं।
यह जानकारी देने वाले संघ नेतृत्व के करीबी एक सूत्र का कहना है कि दरअसल संघ नेतृत्व भाजपा के पूरे चुनाव अभियान को सिर्फ नरेंद्र मोदी के इर्दगिर्द केंद्रित होने से असहज है।
संघ की इच्छा, संगठन की भूमिका बनी रहे
संघ चाहता है कि नरेंद्र मोदी चुनाव अभियान का चेहरा तो हैं, लेकिन सामूहिक नेतृत्व और संगठन की भूमिका भी कमतर नहीं होनी चाहिए।
संघ नहीं चाहता है कि चुनाव के बाद केंद्र में मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने पर नरेंद्र मोदी का कद इतना बड़ा हो जाए कि उसके आगे संघ और भाजपा का संगठन बौना दिखने लगे।
इसीलिए पहले सर संघचालक मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं से सिर्फ नमो नमो का जाप न करने की नसीहत दी। अब चुनाव शुरु हो चुके हैं और भाजपा का पूरा अभियान मोदी केंद्रित होता जा रहा है, तो संघ नेतृत्व की सहमति से भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने मोदी की नहीं भाजपा की लहर की बात कह दी।
संघ नेतृत्व ने जोशी को आश्वस्त किया
बताया जाता है कि संघ नेतृत्व के एक शीर्ष नेता ने जोशी को आश्वस्त किया है कि पार्टी में संघ की धारा और इच्छा को वह निर्भीकता से आगे बढ़ाएं। उनके राजनीतिक हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी।
पहले से ही अपनी सीट बदले जाने के तरीके को लेकर असहज जोशी इससे भी आहत हैं कि एनडीए सरकार में मंत्री रहते हुए संघ के वैचारिक एजेंडे को सबसे ज्यादा उन्होंने ही आगे बढ़ाया।
बेदाग रहते हुए उन्होंने विचारों से समझौता नहीं किया। इसके बावजूद संगठन में उन्हें एक बार के सिवा दोबारा कमान नहीं सौंपी गई।
संघ के इशारे पर आया जोशी का बयान
जब भाजपा में नितिन गडकरी को अध्यक्ष बनाया गया था, तब भी जोशी का नाम प्रमुखता से चला था और संघ प्रमुख मोहन भागवत जब उनके घर पर दोपहर भोज पर गए तो इन अटकलों को खासा बल मिला। लेकिन अध्यक्ष गडकरी बन गए।
गडकरी के बाद संगठन की कमान राजनाथ सिंह को सौंप दी गई।
बताया जाता है कि संघ नेतृत्व ने जोशी से कहा कि वह व्यक्ति केंद्रित राजनीति और चुनाव अभियान को संगठन और सामूहिकता पर केंद्रित करने के लिए अपना हस्तक्षेप करें। इसके बाद जोशी का बयान आया।