बीजेपी के 'मार्गदर्शक' जोशी ने साधा मोदी सरकार पर निशाना
संसद में कामकाज ठप्प होने के मामले को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने मोदी सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है। जोशी ने कहा है कि संसद न चलने के पीछे कई बार सरकार की मंशा भी छिपी होती है। संसद में लगातार घट रही प्रश्नकाल की अवधि पर चिंता जताते हुए जोशी ने कहा है कि यह सरकार को कसौटी पर कसने और उसकी अग्नि परीक्षा का अवसर होता है।
उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल के तहत सांसदों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल जनता और सरकार के बीच का एक माध्यम होता है। इसके जरिए कई बडे़ मामलों का समाधान भी हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल न चल पाने की वजहों के बारे में कई बार ऐसा कहा जाता है कि इसमें सरकार का भी कोई मकसद छिपा होता है।
'सवाल पूछने पर प्रतिबंध न लगाएं'
लोकसभा सचिवालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत देवेंद्र सिंह द्वारा लिखी पुस्तक ‘संसदीय प्रश्न, अनिश्चित भविष्य के लिए अच्छी शुरूआत’ का विमोचन करते हुए जोशी ने कहा कि प्रश्न पूछने का सांसदों को संवैधानिक अधिकार है। उसका हनन नहीं होना चाहिए। टूजी घोटाले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रश्नों के जवाब से कई बडे़ मामले सामने आते हैं तो कई मामलों का समाधान भी हो जाता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री हंसराज अहिर का उदाहरण पेश करते हुए जोशी ने कहा कि उन्होंने सवालों के जवाब से ही इतने बडे़ घोटाले का पर्दाफाश करवाया। लोकसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक अर्जुन राम मेघवाल की ओर इशारा करते हुए जोशी ने कहा कि वह सांसदों के सवाल पूछने पर प्रतिबंध न लगाएं। उन्होंने उल्लेख किया की सत्तापक्ष अक्सर अपने सांसदों पर इस बात का दबाव रखता है कि वे कठिन सवाल न पूछें। मोदी सरकार भी इस मामले में अपने सांसदों को नसीहत दे चुकी है।