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गवाह की हत्या ने बढ़ाई आसाराम की मुश्किल

Fri, 16 Jan 2015 04:47 PM IST
Updated Fri, 16 Jan 2015 04:47 PM IST
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Murder of akhil create big problem for asaram

नाबालिग संग बलात्कार मामले में जोधपुर की जेल में बंद आसाराम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं आसाराम के रसोईए की मौत ने भी आसाराम की मुश्किलों में और इजाफा कर दिया है।

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गौरतलब है कि अखिल की मौत के बाद कोर्ट में पहले से दर्ज उसके 164 के बयान अब आसाराम के खिलाफ काफी अहम साबित होंगे। मोहल्ला अबूपुरा और हाल में जानसठ रोड स्थित गीता एन्क्लेव निवासी अखिल गुप्ता करीब 11 साल तक आसाराम बापू का निकट सहयोगी और आश्रम का रसोइया रहा था।
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करीब डेढ़ साल पहले सूरत की दो बहनों से दुष्कर्म के आरोपों में फंसे आसाराम बापू के करीबी रहे अखिल गुप्ता को अहमदाबाद पुलिस ले गई थी, जहां वह सरकारी गवाह बन गया था।
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आसाराम का सारा राज जानता था अखिल

Murder of akhil create big problem for asaram

सूत्रों के अनुसार उसी समय अहमदाबाद पुलिस ने अखिल गुप्ता के 164 के बयान कोर्ट में दर्ज करा दिए थे, जिसमें उसने दुष्कर्म पीड़ित बहनों को आश्रम के कमरे में जाते देखने की जानकारी दी थी। गत रविवार को अखिल गुप्ता की जानसठ रोड पर महालक्ष्मी एन्क्लेव के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

हत्याकांड के पीछे अब तक आसाराम बापू के खिलाफ अखिल के सरकारी गवाह बनने को ही बड़ा कारण माना जा रहा है। पुलिस भी अपनी जांच को आसाराम बापू प्रकरण के इर्द-गिर्द ही केंद्रित किए हुए है। हालांकि कानूनी विशेषज्ञों की मानें तो अखिल की मौत से आसाराम बापू को किसी तरह की राहत नहीं मिली है, बल्कि उनकी मुश्किलों में इजाफा ही हुआ है।

वरिष्ठ अधिवक्ता कदम सिंह ने बताया कि अहमदाबाद पुलिस पहले ही अखिल गुप्ता के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज करा चुकी है। ऐसे में अखिल की मौत के बाद कोर्ट उसके आसाराम के खिलाफ दिए गए उन्हीं बयानों को सजा का आधार बनाएगी।

इस कारण आसाराम को अखिल की मौत से किसी तरह की राहत नहीं मिलने वाली। उल्टे दुष्कर्म पीड़िताओं के बयान के साथ ही अखिल के पूर्व में दर्ज हो चुके बयान महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जाएंगे।

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