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मुनव्वर राणा ने कहा, 'देश में अब असहिष्णुता नहीं'

Thu, 31 Dec 2015 03:55 AM IST
Updated Thu, 31 Dec 2015 03:55 AM IST
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Munawwar Rana talks on intolrance.

असहिष्णुता के मुद्दे पर सुर्खियां बटोरने वाले मशहूर शायर मुनव्वर राणा कहते हैं कि देश में अब असहिष्णुता नहीं है।

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प्रधानमंत्री मोदी की पाकिस्तान यात्रा पर कहते हैं- उन्होंने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि हिंदुस्तान के बादशाह भी सुदामा का मिजाज रखते हैं। प्रधानमंत्री ने बड़े भाई की तरह अपना काम किया है, अब पाकिस्तान की जिम्मेदारी है कि वह छोटे भाई की तरह आगे बढ़े और कहे कि मेरे भाई गले लग जा।

अंतरराष्ट्रीय मुशायरा और कवि सम्मेलन में शिरकत करने आए मुनव्वर राणा ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि अवार्ड वापसी के जरिए उनके और अन्य साहित्यकारों के विरोध के बाद माहौल में बदलाव आया है। अब असहिष्णुता का माहौल नहीं रह गया है।
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'यहां बादशाह भी सुदामा का मिजाज रखते हैं'

Munawwar Rana talks on intolrance.

मुनव्वर राणा बोले उम्मीद है कि यही माहौल आगे भी बना रहेगा लेकिन इसके लिए जरूरी है भाजपा नेता गलत बयानबाजी से बाज आएं। अखलाक को जिस तरह से भीड़ ने पीटकर मार दिया, उसके बाद भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के नेताओं ने बयानबाजी की, उससे देश में खौफ का माहौल बन गया था।

साहित्यकारों को अवार्ड वापस करके अपनी तरह से विरोध जताना पड़ा। मुझ पर इल्जाम लगाया गया कि कांग्रेसी हूं लेकिन कभी सोनिया गांधी से मुलाकात भी नहीं हुई। मैंने तो आरएसएस मुख्यालय में नमाज पड़ी है और आडवाणी के साथ लद्दाख भी गया।

उन्होंने बताया कि अवार्ड वापस करने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिलना चाहते हैं। यह पीएमओ की अच्छी पहल थी लेकिन मिलने इसलिए नहीं गया क्योंकि बाकी साहित्यकारों को भी बुलाया जाना चाहिए था। बोले- हमारा झगड़ा सिर्फ हुकूमत से नहीं है। न ही एनजीओ के लिए चंदा चाहिए और न ही दलाली के पैसे की जरूरत है। मैं फैसला कर चुका हूं कि अब कभी कोई सरकारी अवार्ड नहीं लूंगा और इस पर हमेशा कायम भी रहूंगा।

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