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समुद्र किनारे अश्लील हरकत की तो खैर नहीं

Mon, 10 Aug 2015 03:29 PM IST
Updated Mon, 10 Aug 2015 03:29 PM IST
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Mumbai police orders probe on sea beach arrest case

मुंबई के मड आइलैंड और अकासा बीच पर अश्लील व्यवहार मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पिछले हफ़्ते मालवनी पुलिस थाने की एक टीम ने स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद मड आयलैंड के कुछ होटलों और अकासा बीच पर छापेमारी कर, सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील व्यवहार के आरोप में करीब 13 जोड़ों को हिरासत में लिया था।

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मुंबई पुलिस की ओर से मोरल पोलिसिंग की समाज के हर तबके में कड़ी निंदा की गई जिसके बाद पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया ने हस्तक्षेप करते हुए जाँच के आदेश दिए हैं।
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उन्होंने बताया, "यह एक संवेदनशील मामला है। इस पर 15 अगस्त के बाद राज्य के कानून और न्यायिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुंबई में तैनात सारे वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर की एक प्रशिक्षण बैठक होगी।"

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रिपोर्ट तलब

Mumbai police orders probe on sea beach arrest case

उन्होंने कहा, "इस बैठक में अधिकारियों को बताया जाएगा कि सार्वजिनक स्थलों पर अश्लील व्यवहार कैसे तय किया जाए और बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 110 के दायरे में इसकी परिभाषा करने पर भी चर्चा की जाएगी।"

मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर मिलिंद खेतले ने बताया, "ज्यादातर युगल अक्सा बीच पर शराब पी रहे थे और अश्लील व्यवहार कर रहे थे। उन्हें जुर्माने के बाद छोड़ दिया गया। एक होटल से गिरफ़्तार की गई तीन महिलाओं ने अदालत में क़बूला था कि वे देह व्यापार कर रही थी। अदालत ने उन्हें जुर्माना के बाद रिहा कर दिया।"

मुंबई के पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया ने इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। राकेश मारिया ने बताया, "मैंने स्थानीय पुलिस को साफ साफ कह दिया है कि अगर व्यस्क आपसी सहमति से वहाँ गए थे और देह व्यापार के सबूत नहीं मिलते हैं तो दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।"

'पुलिस कार्रवाई उचित'

Mumbai police orders probe on sea beach arrest case

मारिया ने यह भी कहा कि स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि इस इलाके में खुलेआम देह व्यापार चल रहा है, जिसके कारण उनके घरों की महिलाएं बाहर नहीं जा सकतीं क्योंकि उन्हें भी परेशान किया जाता है।

वे कहते हैं, "अगर यह सच है तो पुलिस कार्रवाई बिलकुल जायज है।" मुंबई हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील उदय वारुंजीकर ने पुलिस की कार्रवाई को सही बताया है।

उन्होंने कहा, "बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 110 अनुचित घटना रोकने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसके प्रावधानों के अनुसार मामले के जाँच अधिकारी को अगर किसी अपराध की संभावना लगती है तो वह इस धारा के अंतर्गत प्रतिबंधक कार्रवाई कर सकता है।"

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