'मुंबई को दिल्ली न समझें केजरीवाल'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर मुंबई पुलिस की एफआईआर के बाद अब शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए उन पर तीखा हमला बोला है।
शुक्रवार को सामना के संपादकीय में केजरीवाल को न सिर्फ जमकर कोसा गया बल्कि चेतावनी भी दी गई है कि वह मुंबई को दिल्ली समझने की भूल न करें।सामना ने अपने संपादकीय में मंगलवार को हुए केजरीवाल के रोड शो को पूरी तरह फ्लाप बताया है।
आप की रैली को ड्रामा बताते हुए ये सवाल उठाया गया है कि मुंबई की लोकल में सुबह इतनी भीड़ होती है कि उसमें किसी का भी बैठना मुश्किल होता है। ऐसे में केजरीवाल को लोकल की विंडो सीट कैसे मिल गई।
केजरीवाल है ड्रामेबाज
सामना के मुताबिक केजरीवाल की रैली के दौरान हुई बहुत सी घटनाएं फिक्स थी। केजरीवाल को ड्रामेबाज बताते हुए सामना ने लिखा है कि अब उनके साथ कोई नहीं है। दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने और वहां की राजनीति से पलायन करने के बाद लोग उन्हें अच्छी तरह से समझ चुके हैं।
मुंबई की जनता ऐसे नौटंकीबाजों को अच्छी तरह से समझती है इसलिए केजरीवाल को मुंबई के बारे में न सोचकर दिल्ली पर ही अपना ध्यान लगाना चाहिए।
संपादकीय के अनुसार जब दूसरी पार्टियों के नेताओं की रैलियों की वजह से आम आदमी को तकलीफ पहुंचती है तो आप के समर्थक यही कहते हैं कि ऐसी पार्टियों को कचरे के डिब्बे में फेंक दिया जाना चाहिए तो मुंबई में अफरातफरी का माहौल पैदा करने वाले केजरीवाल इस पर क्या कहेंगे।
दिल्ली का तमाशा मुंबई में
संपादकीय में केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा गया है कि वो दिल्ली का तमाशा मुंबई में करने की भूल न करें।
इससे पहले भी सामना ने आप की राजनीति पर कई बार सवालिया निशान लगाने की कोशिश की है, लेकिन ये पहली बार है जब शिवसेना के मुखपत्र में आप की इतनी तीखी आलोचना की गई है।
सामना के संपादकीय में सबसे दिलचस्प बात ये है कि इसमें जहां एक तरफ केजरीवाल को जमकर कोसा गया है वहीं भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की तारीफों के पुल बांधे गए हैं।
अखबार के संपादकीय में लिखा है कि जनता में क्रोध की लहर है लेकिन इस लहर का नेतृत्व केजरीवाल नहीं बल्कि नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।