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रेलवे के मालभाड़े में सैकड़ों करोड़ का घोटाला

Tue, 21 Apr 2015 12:51 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 21 Apr 2015 12:51 PM IST
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multi crore scam in Railway weigh bridges, cbi to file FIR

सीबीआई ने रेलवे की माल ढुलाई में हो रहे सैकड़ों करोड़ का घोटाला उजागर किया है। सीबीआई ने चार दिन का एक ऑपरेशन चलाकर पूरे देशभर में करीब 500 ऐसे अधिकारियों के बारे में पता लगाया है जो में इस घोटाले में शामिल हैं।

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई रेलवे में घोटाले का रैकेट चला रहे और उसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ जल्द ही मामला दर्ज कर सकती है। यह घोटाला रैकेट पिछले दो-तीन साल से ज्यादा पुराना भी हो सकता है जिसमें रेलवे का सैकड़ों करोड़ का नुकसान बताया जा रहा है।
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मामले का खुलासा तब हुआ जब सीबीआई को जानकारी मिली कि माल भाड़ा तय करने के लिए माल का वजन करने वाली मशीन से छेड़छाड़ की गई है जिससे कि बोगियों में ओवरलोडिंग की जा सके। मशीनों में छेड़छाड़ की वजह से माल से भरी बोगियां तय मानकों से ज्यादा नहीं दिखती थीं।

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65 स्‍थानों पर सीबीआई का छापा, कई कंपनियां बेनकाब

multi crore scam in Railway weigh bridges, cbi to file FIR

रेलवे की वेटिंग मशीनों से छेड़छाड़ को लेकर सीबीआई देश के 65 इलेक्ट्रॉनिक इन मोशन वेट ब्रिजेज (EIMWB) में अचानक छापा मारा था जिसमें एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ।

रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे की EIMWB सिस्टम रेलवे की ही संस्‍था शोध और विकास संस्‍थान बनाता है। बताया जा रहा है कि शोध और ‌विकास संस्‍‌थान में 2011 में ऐसे 200 ब्रिज लगाए थे जो 15 किमी प्रति घंटे की गति से चल रही रेल का सटीक वजन करने में सक्षम हैं।

लेकिन इस मशीन के देखरेख और माल का तौल करने का काम प्राइवेट ठेकेदारों के हाथों में था जिन्होंने व्यक्तिगत फायदे के लिए रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर मशीनों से छेड़छाड़ की और रेलवे को चूना लगा रहे थे।

इस घोटाले में जिन ठेकेदार कंपनियों का नाम सामने आया है उनमें हैं ESSACE डिजिट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड, डिजिटल वेटिंग सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड, राइस लेक वेटिंग सिस्टम इंडिया लिमिटेड, शेक्क प्रॉसेस इंडिया लिमिटेड, आरआर इंजीनियरिंग एंड कंसल्टेशन लिमिटेड और सीन लॉजिस्‍टिक हैं।

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