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राजनीति से दूर ही रहना चाहते हैं मुलायम के छोटे बेटे

Fri, 26 Oct 2012 11:43 PM IST
लखनऊ/आरिफ
लखनऊ/आरिफ Updated Fri, 26 Oct 2012 11:43 PM IST
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Mulayam younger son prateek stay away from politics

प्रतीक यादव की पहचान सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के पुत्र और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई के तौर पर है। सियासी परिवार से होने की वजह से प्रतीक के राजनीति में सक्रिय होने की बात अक्सर उठती है, लेकिन ‘अमर उजाला’ से खास मुलाकात में उन्होंने साफ कर दिया है कि वे पहलवान पिता की राह पर चलते हुए फिलहाल अपना ध्यान बॉडी बिल्डिंग पर ही लगाएंगे।

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बॉडी बिल्डिंग में दुनिया की जानी-मानी वेबसाइट ‘बॉडी बिल्डिंग डॉट कॉम’ ने उन्हें सितंबर में ‘इंटरनेशनल ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मंथ’ के सम्मान से नवाजा है। वेबसाइट ने उन्हें ‘ऑल नेचुरल इंडियन मसल्स’ के तौर पर भी पेश किया है।
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प्रतीक बताते हैं कि 2003 में उन्हें निमोनिया हो गया, मेडिकल कॉलेज में भर्ती होना पड़ा। इलाज के दौरान उन्हें ऐसे इंजेक्शन लगवाने पड़े जिनमें इस्टेरॉयड था। निमोनिया से तो निजात मिल गई लेकिन इस्टेरॉयड के साइड इफेक्ट के चलते वजन बढ़कर 102 किलोग्राम हो गया था। घर में सभी इससे परेशान थे।
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प्रतीक के मुताबिक उनके पापा मुलायम सिंह इसे लेकर सबसे ज्यादा फिक्रमंद थे। वह अपने जमाने के मशहूर पहलवान रहे हैं, आज भी वे अपनी सेहत को लेकर काफी सजग हैं। राजनीति में आने के सवाल पर वह तपाक से जवाब देते हैं कि बॉडी बनाना राजनीति करने की अपेक्षा बेहद आसान है।

फिलहाल राजनीति में आने की कोई योजना नहीं है। ऋतिक रोशन के फैन प्रतीक को फुरसत के लम्हों में गिटार बजाना, घूमना-फिरना, इंटरनेट पर विभिन्न विषयों की जानकारी लेना बहुत पसंद है। हाल हीं में उन्होंने फिल्म ‘बर्फी’ देखी जो बहुत पसंद भी आई।

पापा का चैलेंज पूरा
पापा मेरी कमजोरी जानते हैं, उन्हें पता है कि मुझे चैलेंज लेने में बड़ा मजा आता है। पापा ने मुझे चुनौती देकर कहा कि दो महीने में 10 किलो वजन कम करके दिखाओ। पापा का चैलेंज.... पूरा तो करना ही था। बस, जिम जॉइन कर लिया। बेहद कठिन वर्कऑउट शुरू किया। दो महीने बाद वजन लिया तो पता चला कि दस नहीं पूरे पंद्रह किलो वजन कम हुआ है। पापा बेहद खुश हुए। अब पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि पापा अगर मुझे चुनौती न देते तो शायद मेरी जिंदगी इस तरह न बदलती। अब तो जिम से दूर रहना ही मुश्किल है।

गोल सेट करना जरूरी
अर्नाल्ड श्वाजनेगर को अपना आदर्श मानने वाले प्रतीक बताते हैं कि अर्नाल्ड ने एक किताब में लिखा है कि, जब तक आप खुद के लिए गोल सेट नहीं करते, लक्ष्य तक पहुंचना मुमकिन नहीं है। जब मैंने जिम जॉइन किया तो दो लोग और थे, जिनका वजन मेरे ही बराबर था। उनसे मेरा रोजाना कॉम्प्टीशन होता, इससे मुझे बहुत फायदा मिला। छह महीने के अंदर मैंने अपना वजन करीब 35 किलो कम कर लिया। लोग मुझे बेहद आश्चर्य से देखते।

दोस्त ने नहीं पहचाना
एक बार मैं एक मॉल में था, सामने से मेरा एक स्कूल के दिनों का दोस्त गुजर रहा था। मुझे शरारत सूझी, मैंने उसे इग्नोर कर दिया। वह काफी देर तक मुझे घूरता रहा, थोड़ी देर बाद वह खुद से मेरे पास आया और बोला भाई ...!  तुम प्रतीक के छोटे भाई हो क्या? यह मेरे लिए बहुत बड़ा कांप्लीमेंट था। वेटलॉस तो हो गया पर इसके दुष्परिणाम भी मुझ पर पड़ने लगे। मेरी स्ट्रेंथ पूरी तरह से खत्म हो गई थी। फिर पापा से सुझाव लिया। मैंने कॉर्डियो एक्सरसाइज हफ्ते में पांच दिन और 20 मिनट तक कम कर दी। साथ ही सुबह 45 मिनट की वेट ट्रेनिंग करने लगा। इससे मुझे काफी अच्छे नतीजे मिले।


चैटा नौशा का सुझाव
‘बॉडी बिल्डिंग डॉट कॉम’ के जरिए कई ऐसे लोगों से जान-पहचान हुई जो इस क्षेत्र में बहुत मशहूर थे। इन्हीं में से एक हैं चैटा नौशा, इन्होंने सुझाव दिया कि ज्यादा वेट ट्रेनिंग करो तो आराम भी ज्यादा करो। उनकी राय पर अमल करने से मेरी वेट उठाने की क्षमता बहुत बढ़ गई है। अब अपने ही रिकॉर्ड लगातार तोड़ रहा हूं। भविष्य में पॉवर लिफ्टिंग में हिस्सा लेना चाहता हूं।

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