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अखिलेश के भरोसे नहीं, खुद मोर्चा संभालेंगे मुलायम
नई दिल्ली/धीरज कनोजिया
Updated Wed, 12 Jun 2013 12:06 AM IST
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उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव खासे सक्रिय हो गए हैं।
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अगले लोकसभा चुनाव से पहले सरकार की छवि को फिर से चमकाने के लिए उन्होंने अब खुद ही अफसरों की बैठक लेना शुरू कर दी है। मंगलवार को पहली बार किसी सरकारी बैठक में मुलायम सिंह ने शिरकत की।
दिल्ली के यूपी सदन में सैफई पीजी मेडिकल संस्थान को लेकर तीन घंटे की बैठक में मुलायम सिंह यादव ने बाकायदा अखिलेश के कामकाज में निगरानी बनाए रखी।
अखिलेश के जाने के बाद भी उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक का मुद्दा भले ही छोटा रहा हो, मगर मुलायम सिंह यादव लोकसभा चुनाव के एजेंडे को लेकर काम कर रहे हैं।
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मंगलवार को उन्होंने अपने तेवरों से जाहिर कर दिया कि वे अखिलेश के भरोसे नहीं रह सकते हैं। उन्होंने खुद ही मोर्चा संभालने की कोशिश की।
सपा सूत्रों माने तो आगामी कई बैठकों में भी अखिलेश के साथ मुलायम सिंह रह सकते हैं। मुलायम पूरी तरह से चुनावी मूड में हैं। उन्होंने कहा कि सपा अपने चुनावी घोषणा पत्र को लागू करने के लिए कदम उठा रही है।
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अखिलेश सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल करेंगी।
यही नहीं, मुलायम अब दिल्ली से अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी बात लोगों तक पहुंचाएंगे।
अभी कुछ दिन पहले ही लखनऊ में मुलायम सिंह ने अखिलेश सरकार पर सवाल उठाते हुए चिंता जाहिर की थी। तब उन्होंने कहा था कि वह मुख्यमंत्री होते तो 15 दिन में ही यूपी में कानून व्यवस्था सुधार देते। अपने इसी बयान के बाद उन्होंने अब सरकार के कामकाज में सक्रियता दिखाई है।