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यह है मुलायम के बयान की वजह!

Thu, 26 Dec 2013 03:24 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 26 Dec 2013 03:24 PM IST
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mulayam trying to woo other votebank with fear of loosing muslims

समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने यह आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया कि मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में जो लोग रह रहे हैं, वे पीड़ित नहीं बल्कि विरोधी राजनीतिक दलों के लोग हैं।

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एचटी के मुताबिक इस बयान के बाद बवाल मचा और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं ने उन्हें आड़े हाथों भी लिया। लेकिन मुलायम ने अगर यह बयान देने की जरूरत समझी, तो इसके पीछे दूसरी वजह भी है।
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लोकसभा चुनावों की तैयारी?
लोकसभा की 80 सीटों वाला उत्तर प्रदेश आगामी आम चुनावों में क्या अहमियत रखता है, यह मुलायम अच्छे से जानते-समझते हैं। ऐसे में वह अपने इन बयानों से संकेत दे रहे हैं कि वह ध्रुवीकरण के इस मौसम में हिंदू वोटों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
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समाजवादी पार्टी की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार दंगों को रोकने में नाकाम रही, जिसके कारण आज भी 50 हजार अल्पसंख्यक अपने घरों से उजड़े हुए हैं।

ऐसे में उनके बीच सपा को लेकर काफी गुस्सा है और मुलायम जानते हैं कि आगामी चुनावों में इसका नुकसान हो सकता है। ऐसे में वह शायद इस नुकसान की भरपाई की कोशिश कर रहे हैं।

आडवाणी, भाजपा की तारीफ
कुछ महीने पहले की बात है, जब मुलायम ने पार्टी कार्यकर्ताओं को चौंकाते हुए भगवा रंग में रंगी भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ की थी।

इसके अलावा पिछले महीने सपा की एक रैली में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नरेंद्र मोदी को फंसाने की कोशिश कर रही है।

हाल में उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को सीख देते वक्त भाजपा से सीखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता गुंडई नहीं करते और इसलिए उसे हालिया विधानसभा चुनावों में जीत मिली।

वोटबैंक में सेंध का खतरा
यह सही है कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह हिंदू वोट के बहाव में नहीं बह सकती, क्योंकि मुस्लिम उसके वोट बैंक का आधार रहे हैं। लेकिन इस वोटबैंक के खोने के डर ने संभवतः उसे दूसरे वोटबैंक पर गौर करने के लिए मजबूर कर दिया है।


मुजफ्फरनगर पर मुलायम का बयान सपा की 'अल्पसंख्यक तुष्टिकरण नीति' से खफा हिंदुओं के गुस्से में कमी लाने के लिए दिया गया।

इतने कम वक्त में पाला बदलना सपा के लिए मुमकिन नहीं है, लेकिन दंगों को लेकर नाराजगी जता रहे हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच फंसे मुलायम अब तोड़ निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

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