फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   mulayam to stay with upa

सरकार की पुचकार के बाद नेताजी हुए मुलायम

Fri, 03 May 2013 08:38 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Fri, 03 May 2013 08:38 PM IST
विज्ञापन
mulayam to stay with upa

सरकार की पुचकार के बाद नेताजी मुलायम हो गए हैं।

विज्ञापन


चीन की घुसपैठ का मसला हो या 2जी स्पेक्ट्रम में जेपीसी में छिड़ी जंग या फिर कोयले पर मचा कोहराम, सपा सरकार का देगी साथ।

सूत्रों की मानें तो सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने एक बार फिर सरकार के संकटमोचक बनने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

नेताजी की पिछले दिनों में सरकार के अलग-अलग नुमाइंदों से मुलाकात के बाद सपा के तेवर शांत हो गए हैं।

शुक्रवार को सपा सुप्रीमो ने संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की। साथ ही वह विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री नारायण सामी से भी मुलाकात की।

इससे पहले बृहस्पतिवार को वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिल चुके हैं। सलमान खुर्शीद से मुलाकात के बाद मुलायम ने कहा कि अब सरकार चीन पर कुछ गंभीरता दिखा रही है। मगर जरूरत है, हमारी जमीन से चीनी सैनिकों को खदेड़ने की।
विज्ञापन


जेपीसी के मुद्दे पर भी सपा अब नरम दिख रही है। अभी तक सपा पूर्व संचार मंत्री ए राजा को जेपीसी में अपना पक्ष रखने की बात करते हुए इसकी फाइनल रिपोर्ट में दस्तखत नहीं करने की बात कह रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मगर अब दस्तखत नहीं करने के सवाल पर पार्टी कुछ भी कहने से इंकार कर रही है। सपा महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा कि हमारी एक ही मांग है कि राजा को बुलाया जाए।

हालांकि जेपीसी की रिपोर्ट में दस्तखत नहीं करने के सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इससे पहले पार्टी साफ तौर पर कह रही थी कि सपा जेपीसी की अंतिम रिपोर्ट में दस्तखत नहीं करेगी।


खुर्शीद से मुलाकात के बाद मुलायम सिंह ने बताया कि जब वह रक्षा मंत्री थे, तो चीन ने भारतीय सीमा में एक किलोमीटर तक घुसपैठ की थी और हमारी सेना ने उनकी सीमा में चार किलोमीटर घुसकर खदेड़ दिया था। मैंने विदेश मंत्री को कहा है कि चीन पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed