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तीसरे मोर्चे का गुब्बारा फिर फुलाने में जुटे मुलायम
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 21 Mar 2013 01:06 AM IST
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यूपीए सरकार से डीएमके के नाता तोड़ने के बाद नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव एक बार फिर तीसरे मोर्चे को हवा देने में जुट गए हैं।
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सपा सुप्रीमो ने राकांपा सुप्रीमो शरद पवार से अचानक और लंबी मुलाकात कर केंद्र की सियासत को गर्मा दिया है। मुलायम 24 मार्च को महाराष्ट्र में राकांपा के एक कार्यक्रम में पवार के साथ मंच भी साझा करेंगे।
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उधर, सपा द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को मनमोहन सिंह से बेहतर बताने और बेनी मामले में भाजपा के सपा के साथ खड़े होने के भी राजनीतिक निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं।
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सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने वाजपेयी को मनमोहन के मुकाबले बेहतर प्रधानमंत्री बताते हुए समर्थन देने की गारंटी न देने की बात कही, बल्कि यह भी कहा कि वाजपेयी के कार्यकाल में इतने घोटाले भी नहीं हुए थे।
इसी दौरान लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने बेनी के बयान मामले में मुलायम के पक्ष में सरकार पर हमला बोल भविष्य में नए समीकरण उभरने के कुछ संकेत भी दे दिए।
मामला तब गंभीर हुआ जब तीखे तेवर और बयानबाजी के बीच मुलायम अचानक राकांपा के मुखिया और कृषि मंत्री शरद पवार से मिलने उनके निवास पर पहुंच गए। दोनों नेताओं के बीच आधे घंटे बातचीत हुई।
सपा के एक वरिष्ठ सांसद के मुताबिक मुलाकात तीसरे मोर्चे की गठन की संभावनाओं को लेकर थी। सांसद का दावा था कि पवार का रुख सकारात्मक है और इस सिलसिले में 24 मार्च को राकांपा के एक कार्यक्रम में शिरकत करने महाराष्ट्र जा रहे मुलायम की पवार से विस्तार से बातचीत होगी। हालांकि मुलायम की इन कोशिशों को यूपीए को दबाव में लाने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
तीसरे मोर्चे का गठन और यूपीए सरकार का जाना फिलहाल दूर की कौड़ी लग रही है। हालांकि सियासत में कुछ भी संभव है, जिसे भांपते हुए कांग्रेस ने सपा के जाने की स्थिति में जद (यू) पर भी अपनी निगाहें लगा दी हैं। वहीं नई परिस्थितियों में श्रीलंकाई तमिल संबंधी प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाने का संकेत देने वाली अपनी पुरानी सहयोगी तृणमूल का भी मन टटोल सकती है।