मुलायम की पलटी ने कांग्रेस को दिया तगड़ा झटका
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मानसून सत्र में कांग्रेस को अलग-थलग करने और विपक्षी एकता में दरार लाने की सरकार की कोशिश सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के जरिए आखिरकार सोमवार को कामयाब हो गई।
सपा प्रमुख ने पहले लोकसभा में तो बाद में स्पीकर की विपक्षी दलों के साथ हुई बैठक में संसद नहीं चलने देने को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।
बैठक में उन्होंने सदन चलाने में सहमति जताते हुए यह कह कर कांग्रेस को सकते में डाल दिया कि सदन में लगातार हंगामे का कोई औचित्य नहीं है।
सपा प्रमुख के रुख का राजद, जदयू और इनेलो ने भी समर्थन किया। जबकि तृणमूल कांग्रेस ने कार्यवाही चलाने पर सहमति के साथ ही ललित गेट और व्यापम घोटाले पर जारी गतिरोध मामले में सरकार के समक्ष बीच का रास्ता निकालने की शर्त रख दी।
हालांकि इस मामले में कांग्रेस के तीखे तेवर बरकरार रहने और तृणमूल कांग्रेस की शर्त के कारण सदन की कार्यवाही चलने के आसार कम ही हैं।
मगर विपक्षी एकता में पड़ी दरार से उत्साहित सरकार ने आईपीएल विवाद पर मंगलवार को लोकसभा में चार घंटे की चर्चा कराने का फैसला कर लिया है।
महत्वपूर्ण बिलों का कानूनी जामा पहनाने का सियासी मोह छोड़ चुकी सरकार के रणनीतिकार ललित गेट और व्यापम मामले में कांग्रेस को अलग-थलग करने में मिली सफलता से गदगद हैं। सरकार की योजना मंगलवार को विपक्षी दलों की ओर से ही कांग्रेस पर सियासी हमला कराने की है।
मुलायाम के कदम से कांग्रेस को हतप्रभ
उल्लेखनीय है कि सोमवार को भी तीन बार के स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित हो गई। हंगामे के बीच ही स्पीकर ने थोड़ी देर प्रश्नकाल और शून्यकाल चलाया और एक बिल को पेश कराया।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही ललित गेट मामले में कांग्रेस के सदस्य पहले की तरह वेल में जम गए। इस बीच सपा प्रमुख ने स्पीकर से गतिरोध तोड़ने की पहल करने की अपील की, साथ ही लगातार हो रहे हंगामे का विरोध किया। इसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक की।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में मुलायम ने अपने तेवर से कांग्रेस को हतप्रभ कर दिया। उन्होंने बैठक में उपस्थित कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा कि लगातार हो रहे हंगामे का कोई औचित्य नहीं है और कांग्रेस सांसदों को अपनी बात रखने से नहीं रोक सकती।
ललित गेट पर कांग्रेस के विरोध पर भी उठाए सवाल
ललित गेट पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कांग्रेस के चर्चा का विरोध पर भी सवाल उठाए। उन्होंने खड़गे से पूछा कि आप आरोपी के अपना पक्ष रखने के अधिकार को क्यों छीनना चाहते हैं।
इसके बाद हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्षी फूट को देखते हुए सरकार ने आईपीएल विवाद पर मंगलवार को चार घंटे की चर्चा तय की है। सरकार के एक रणनीतिकार ने कहा कि अब किसी बिल के कानूनी जामा पहनाने केआसार नहीं हैं। ऐसे में सरकार चाहेगी कि ललित गेट और व्यापम मुद्दे पर सदन के अंदर भी कांग्रेस की फजीहत हो।
सदन में सोनिया का हमलावर रुख
लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बेहद हमलावर दिखीं। कार्यवाही शुरू होने से पहले उन्होंने सपा प्रमुख और टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय से बात की।
इस दौरान जब दोनों ने सदन चलाने की इच्छा व्यक्त की कि उन्होंने दो टूक लहजे में कहा कि कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी। इसके बाद सदन के अंदर ही सोनिया ने पार्टी सांसदों से बातचीत कर हमलावर रुख अपनाने का निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने मुलायम के स्पीकर की बैठक में जाने के प्रस्ताव को भी बेहद तल्खी से ठुकरा दिया।