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...तो मुलायम की साइकिल पर खिलेगा कमल?

Thu, 28 Feb 2013 08:01 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Thu, 28 Feb 2013 08:01 AM IST
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mulayam singh told his party would change its view towards bjp

सियासी अखाड़े के माहिर मुलायम सिंह यादव ने बार-बार सीबीआई का डर दिखाने वाली यूपीए सरकार को चित करने वाला दांव चल दिया है। भ्रष्टाचार और महंगाई की बदनामी लेकर लोकसभा चुनावों में उतरने की तैयारी रहे यूपीए को उन्होंने भाजपा के साथ चले जाने का डर दिखाया है।

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मुलायम ने बुधवार को संसद में दो टूक कहा कि अगर भाजपा कश्मीर और मंदिर-मस्जिद मुद्दे पर विचारधारा बदल दे तो उससे दोस्ती करने में गुरेज नहीं होगा। मुलायम यहीं नहीं रुके।
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उन्होंने कहा कि कई अहम मसलों पर भाजपा का नजरिया ‘समाजवादी’ जैसा है। सिर्फ मुसलमानों के प्रति भाजपा का नजरिया ही दोनों दलों के बीच दूरी का कारण है। भाजपा इसे बदलती है तो सियासी दूरियां कम हो सकती हैं।
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लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण के प्रस्ताव पर चर्चा में बोलते हुए मुलायम ने कहा उनकी पार्टी मजबूरी में कांग्रेस को समर्थन दे रही है। कश्मीर, मंदिर-मस्जिद और मुसलमानों के प्रति सोच एवं विचारधारा में भाजपा बदले तो सपा एक कदम आगे बढ़कर हाथ मिलाने में संकोच नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा और सपा की कई अहम मामलों (अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा, विदेश नीति, भाषा) पर विचारधारा एक हैं। भाजपा कुछ मुद्दों को किनारे रख दे तो दूरियां नजदीकियों में बदल सकती हैं।

अगली बार बैठेंगे साथ
सपा मुखिया के रुख ने न सिर्फ कांग्रेस को सकते में डाल दिया है बल्कि सरकार के सहयोगी दलों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने जवाब में मुलायम से कहा कि हमारे और आपके बीच दूरी कहां है। अगली दफा आप निश्चित तौर पर हमारे साथ होंगे। मुलायम ने राजनाथ सिंह को उनके भाषण के लिए बधाई भी दी और कहा कि देशभक्ति, सीमा सुरक्षा और भाषा के मामले में उनकी पार्टी और भाजपा की नीतियां एक है।


यदि आपकी (भाजपा) विचारधारा ठीक होती तो हम कांग्रेस को समर्थन देने को मजबूरी नहीं होते। मंदिर मुद्दा अब खत्म हो चुका है। आगे अगर आप कश्मीर और मुस्लिमों के प्रति नजरिया बदलें तो हमारी दोस्ती हो सकती है। --मुलायम सिंह यादव

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