मुलायम के गोद लिए गांव में नहीं कोई मुस्लिम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत मुलायम सिंह यादव ने भी एक गांव को गोद लिया है, लेकिन मुलायम की इस हरकत ने मुस्लिम संगठनों को काफी नाराज कर दिया है।
यह दिलचस्प बात है कि मुस्लिमों के हक की बात करने वाले मुलायम सिंह ने जिस गांव को गोद लिया है वहां मुस्लिम आबादी ही नहीं है।
नरेंद्र मोदी की राह चलते हुए मुलायम सिंह ने भी एक ऐसे गांव को गोद लिया है जहां मुस्लिम आबादी नहीं है।
मोदी ने अपने बनारस संसदीय क्षेत्र के जयापुर गांव को गोद लिया था, जहां मुस्लिम आबादी नहीं है, वहीं मुलायम सिंह ने भी अपने आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तामुली गांव को गोद लिया है और यहां भी मुस्लिम आबादी नहीं है।
'मोदी और मुलायम में कोई फर्क नहीं'
आजमगढ़ के राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी ने पूछा है इन दोनों (मोदी और मुलायम) में आखिर अंतर क्या है। मुलायम तो मोदी की राह चलते जान पड़ते हैं, मोदी ने भी ऐसे गांव को गोद लिया था जहां मुस्लिम आबादी नहीं है।
आमिर रशादी ने वही शख्स हैं जिन्होंने साल 2012 में विधानसभा और साल 2014 में लोकसभा में सपा के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
यह दिलचस्प बात है कि मोदी और मुलायम दोनों के गोद लिए गांवों में मुस्लिम आबादी नहीं है। मुलायम सिंह के तामुली में कुल 3,356 लोग रहते हैं जिसमें से 85 फीसदी यादव हैं। इस गांव के प्रधान राम लखन के मुताबिक इस गांव में मुस्लिम आबादी नहीं है।
मुलायम सिंह यादव ने तामुली गांव को गोद लेकर यह संदेश जरूर दे दिया है कि उनका यादव प्रेम अब भी बरकरार है।