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मुलायम का राम मंदिर निर्माण में मध्यस्थता से इंकार
नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Aug 2013 12:50 AM IST
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अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के मुद्दे पर मुलायम सिंह यादव की कथित मध्यस्थता की चर्चाओं को लेकर सियासत गरमा गई है।
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मुलायम सिंह यादव ने इस मामले में मध्यस्थता की बात से साफ इंकार किया है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के लोगों ने उनसे मिलकर अपनी बात रखी है। इसमें मध्यस्थता की बात कहां से आती हैं।
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वहीं मौका देखकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा और भाजपा पर मिलकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाया है। जबकि, कांग्रेस ने कोर्ट में मामला चलने का हवाला देते हुए इस मसले पर अपनी चुप्पी साध ली है।
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विहिप और भाजपा के नेताओं के लखनऊ में मुलायम सिंह यादव से मुलाकात कर उनसे अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का रास्ता खोजने और मुस्लिम समुदाय को राजी करने का आग्रह करने की खबरें जोरों पर है।
लिहाजा, मुलायम सिंह ने बिना देर किए इन खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विहिप और भाजपा के लोगों ने उनसे मिलकर अपनी बात रखी थी। इसका मतलब यह नहीं कि वह किसी मामले में मध्यस्थता करने जा रहे हैं। इस तरह की खबरें बिलकुल गलत है।
मगर मुलायम के इंकार से पहले ही मायावती ने उन पर निशाना साध दिया है। मायावती ने कहा कि चुनाव देखते ही सपा और भाजपा नाटक करना शुरू कर देते हैं।
मायावती ने कहा कि दोनों पार्टियां पहले भी चुनाव को देखते हुए नजदीक आई थीं और इस बार भी वे ऐसा ही कर रही हैं। दोनों पार्टियां उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव बिगाड़ना चाहती हैं, ताकि दोनों समुदायों को विभाजित करने की कोशिश की जा सके।