फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   mukhtar supporting ajay rai is bad news for kejriwal

मुख्तार अंसारी ने खेला ऐसा दांव, फंस गए केजरीवाल!

Thu, 01 May 2014 06:18 PM IST
Updated Thu, 01 May 2014 06:18 PM IST
विज्ञापन
mukhtar supporting ajay rai is bad news for kejriwal

लोकसभा चुनावों की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट बनारस पर यूं तो नरेंद्र मोदी की वजह से निगाह टिकी है, लेकिन यहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच एक अलग खेल चल रहा है।

विज्ञापन


दरअसल, इस सीट पर दोनों दलों के बीच मुस्लिम वोटों के लिए दिलचस्प जंग देखने को मिल रही है। दोनों यह साबित करने में लगे हैं कि केवल उनका उम्मीदवार भाजपा के पीएम पद के दावेदार को हराने की काबिलियत रखता है।
विज्ञापन


हालांकि, इस लड़ाई में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले में बाजी AAP के बजाय कांग्रेस ने मारी, जिसे अब मुस्लिम वोट अपने पाले में करने का बड़ा मौका मिल गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अजय राय को मिली मजबूती

mukhtar supporting ajay rai is bad news for kejriwal

दरअसल, मंगलवार शाम दबंग नेता मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल ने कांग्रेसी उम्मीदवार अजय राय को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। इस मौके पर मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी ने कहा, "हमारा मंच अजय राय का साथ देगा। इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व ने हमसे मदद मांगी थी और हमने वैसा ही किया।"

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले खबर आई थी कि मुख्तार अंसारी, अर‌विंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को समर्थन का ऐलान कर सकते हैं। केजरीवाल को उम्मीद थी कि ऐसा हुआ, तो उन्हें बनारस में मुस्लिम वोट अपने पाले में करने में मदद मिल सकती है।

दरअसल, मुख्तार अंसारी की बनारस के मु‌स्लिम मतदाताओं के बीच गहरी पैठ बताई जाती है। पिछली बार इस सीट से जीत भले भाजपा के मुरली मनोहर जोशी को मिली हो, लेकिन अंतर काफी कम रहा था।

केजरी को नहीं मिला अंसारी का साथ

mukhtar supporting ajay rai is bad news for kejriwal

कुछ दिन पहले ऐसी हवा भी थी क‌ि अरविंद केजरीवाल ने मुख्तार अंसारी से मदद मांगी है, ताकि नरेंद्र मोदी को हराया जा सके। लेकिन आलोचना होने पर आम आदमी पार्टी ने इस बात से इनकार कर दिया।

इसके बाद ऐलान हुआ कि मुख्तार अंसारी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उनके भाई अफजाल अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी और आह्वान किया कि सभी दलों को मिलकर भाजपा को हराने के लिए रणनीति बनानी चाहिए।

इस घटनाक्रम के बाद इन संभावनाओं को काफी बल मिला क‌ि आने वाले वक्‍त में मुख्तार अंसारी, केजरीवाल को अपना समर्थन दे सकते हैं। ऐसा होता, तो मुस्लिमों के वोट आम आदमी पार्टी को मिल सकते थे। लेकिन ऐन वक्‍त पर खेल हो गया।

केजरीवाल को बताया बाहरी मुस‌ाफिर

mukhtar supporting ajay rai is bad news for kejriwal

अफजाल अंसारी ने न केवल आम आदमी पार्टी को समर्थन देने से मना कर दिया, बल्कि नरेंद्र मोदी के साथ-साथ उन्हें भी जमकर खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा, "हमने कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया, जो माकूल उम्मीदवार है।"

अंसारी ने कहा, "भाजपा और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार, दोनों बाहर के मुसाफिर हैं इसलिए हमने उनके टिकट पहले ही काटने का फैसला किया है।" जब केजरीवाल ने बनारस से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, तो लगा कि वो सपा, बसपा, कांग्रेस और मुख्तार अंसारी के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब रहेंगे।

केजरीवाल ने इसके लिए कोशिश भी की। जब वो बनारस पहुंचे, तो मंदिरों के दर्शन के अलावा उन्होंने मुस्लिम धर्मगुरुओं से भी मुलाकात की। लेकिन अंसारी का साथ न मिलने से उन्हें झटका लगा होगा।

दिल्ली के बाहर नहीं दिखा वो जोश

mukhtar supporting ajay rai is bad news for kejriwal

दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव जीतने के बाद सरकार बनाना और केवल 49 दिन बाद सत्ता से बाहर हो जाना, इतना भारी पड़ सकता है, यह केजरीवाल को अब समझ आ रहा है।

दिल्ली चुनावों में धमाका करने वाली आम आदमी पार्टी ने जब लोकसभा चुनावों में लड़ने का ऐलान किया, तो ऐसा लगा कि वह राष्ट्रीय चुनावों में भी कुछ कमाल कर दिखाएगी। लेकिन ऐसा हो न सका।

पुराने साथियों के दामन छोड़ने, कुछ नए साथियों पर सवाल उठने और आए दिन किसी न किसी विवाद में पड़ने के कारण केजरीवाल की टीम पर से मीडिया का ध्यान लगातार हटता गया। इस बीच मोदी बनाम राहुल की लड़ाई इतनी तेज हुई कि देश का सारा फोकस उन्हीं पर रहा।

केजरीवाल के लिए अमेठी-बनारस सबसे खास

mukhtar supporting ajay rai is bad news for kejriwal

शायद अरविंद केजरीवाल को भी यह बात समझ में आने लगी थी। सो उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का फोकस अब केवल बनारस और अमेठी सीट पर है। लेकिन अजय राय और मुख्तार के एक साथ आने के बाद वाराणसी में AAP के लिए चुनौती कड़ी हो गई है।

इसके अलावा अमेठी में AAP नेता कुमार विश्वास ने पिछले कुछ महीने में जो हवा बनाई थी, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी ने चंद दिनों में चुनाव प्रचार में माहौल एक बार फिर अपनी तरफ कर लिया है।

इस बीच भाजपा की तरफ से पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के रोड शो ने बनारस में मुस्लिम मतदाताओं को जरूर चौंकाया है। उत्तर प्रदेश में ध्रुवीकरण के चलते मुस्लिम वोट भाजपा के खिलाफ जाने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में मोदी के विरोधियों के लिए ये वोट और अहम हो जाते हैं।

मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रचार पर जोर

mukhtar supporting ajay rai is bad news for kejriwal

इन दिनों बनारस में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी, दोनों मुस्लिम बहुल इलाकों में जोरशोर से प्रचार कर रही हैं। केजरीवाल इन इलाकों में नुक्कड़ सभाएं कर रहे हैं। अजय राय अब तक खास दिखे नहीं हैं, लेकिन खबर है कि प्रियंका बनारस पहुंच सकती हैं।

मुस्लिमों ने अब तक शायद फैसला नहीं किया है। उनके सामने पुरानी पार्टी कांग्रेस है और दूसरी तरफ नया विकल्प बनकर उभरी आम आदमी पार्टी। अजय राय स्‍थानीय बनाम बाहरी का दांव खेल रहे हैं।

मुस्लिम वोटर यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इन दो में से कौन ऐसा उम्मीदवार है, जो मोदी को हरा सकता है। अब देखना यह है कि मुस्लिम मतदाता किस तरफ जाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed