मुख्तार मामला: 6 महीने पहले रची गई थी हत्या की साजिश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ विधायक मुख्तार अंसारी की हत्या के लिए डॉन ब्रजेश सिंह की ओर से छह करोड़ की सुपारी देने के मामले के खुलासे ने पूर्वांचल में सनसनी मचा दी है।
दिल्ली की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े शूटर सच्चिदानंद उर्फ लंबू शर्मा से पूछताछ में बताया है कि उसने मुख्तार अंसारी को पेशी पर पहुंचने के समय बम मारकर हत्या करने के लिए सुपारी ली थी। इसके साथ ही उसने बताया है कि वह आगरा में चांद मियां के जरिये मुख्तार से पांच बार मिल भी चुका है।
इन तथ्यों के सामने आने के बाद से वाराणसी पुलिस भी इस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। ब्रजेश को वाराणसी के ही सेंट्रल कारागार में रखा गया है। उधर, इस खुलासे के बाद मुख्तार के परिवार ने उनकी सुरक्षा और पुख्ता करने की मांग की है।
आगरा में मुख्तार से पांच बार मिल चुका था लंबू
पुलिस सूत्रों की मानें तो छह महीने पहले इस साजिश की पटकथा आरा जेल में लिखी गई। उसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए पहले आरा कोर्ट में 23 जनवरी, 2015 को बम विस्फोट कराया गया। विस्फोट में बलिया की नगीना देवी का इस्तेमाल किया गया, जिसमें वह मारी गई। उस समय कोर्ट में आया लंबू अपने साथी बदमाश अखिलेश उपाध्याय के साथ फरार होने में कामयाब रहा था।
अब अदालत में पेशी पर पहुंचने के समय मुख्तार अंसारी को निशाना बनाने की तैयारी थी। जौनपुर के धौस पट्टी निवासी चांद मियां के साथ लंबू आगरा जेल से पेशी पर आते-जाते समय मुख्तार से पांच बार मुलाकात कर चुका था।
चांद मियां के करीबी होने के नाते मुख्तार और उनके नजदीकियों को लंबू पर शक नहीं हुआ। अलबत्ता, मुख्तार ने लंबू को दो बार दस-दस हजार रुपये मदद के तौर पर दिए। किसी डील को लेकर मुख्तार से मनमुटाव के बाद चांद मियां ने ब्रजेश गैंग का दामन थाम लिया था लेकिन मुख्तार और उनके करीबियों को इसकी भनक नहीं थी।
अलबत्ता, मुख्तार ने लंबू को दो बार दस-दस हजार रुपये मदद के तौर पर दिए। लंबू चांद मियां के जरिये आगरा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की रेकी में लगा था। वारदात को अंजाम देने के लिए ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया गया था।
एंबुलेंस से उतरते-चढ़ते ही मारना था
मुख्तार के इर्द-गिर्द कड़ा सुरक्षा घेरा होने और हाईटेक एंबुलेंस से पेशी पर आने-जाने के नाते तय हुआ था कि पेशी पर एंबुलेंस पर चढ़ते या उतरते समय ही उन्हें निशाना बनाया जाए। क्योंकि हाईटेक एंबुलेंस के भीतर रहते हुए मुख्तार को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।
उसरी चट्टी कांड में मुख्तार पर गवाही नहीं देने के लिए दबाव बनाए जा रहे हैं, लेकिन वे समझौते को तैयार नहीं हैं। बिहार के शूटर लंबू शर्मा के जरिये रची गई हत्या की साजिश उसरी चट्टी कांड से ही जुड़ी है। हत्या की योजना उजागर होने के बाद मुख्तार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनकी पत्नी आफशा बेगम की ओर से कोर्ट ओर शासन-प्रशासन को जल्द ही अरजी दी जाएगी। इसका मजमून तैयार किया जा रहा है। ताकि सुरक्षा और पुख्ता हो और उनकी एंबुलेंस के पास कोई फटक न पाए। -मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी