फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   mukesh ambani is running our country not manmohan singh

'क्या कांग्रेस मुकेश अंबानी की दुकान है'

Wed, 31 Oct 2012 04:54 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Wed, 31 Oct 2012 04:54 PM IST
विज्ञापन
mukesh ambani is running our country not manmohan singh

समाजसेवी से राजनेता बने अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को एक नए खुलासे के तहत कांग्रेस पर रिलायंस इंडस्ट्रीज को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने इस दौरान दो ऑडियो टेप भी जारी किए। इनमें से एक टेप में नीरा राडिया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य की बातचीत का ब्यौरा था, जबकि दूसरे टेप में मुकेश अंबानी को कांग्रेस को अपनी दुकान कहते हुए सुना गया। पहले ऑडियो टेप में डीएमके परिवार के कैबिनेट में शामिल होने की बातचीत का खुलासा किया गया।

विज्ञापन


केजरीवाल ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने केजी बेसिन का ठेका उसे दे दिया। रिलायंस ने गैस की कीमतें सवा चौदह डॉलर प्रति यूनिट तक बढ़ा दीं। केजरीवाल ने बताया कि रिलायंस ने सरकार को कम कीमत पर गैस देने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन


केजरीवाल ने अपने आरोपों में कहा कि जब तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर ने रिलायंस की बात नहीं मानी तो 2006 में उन्हें मंत्री पद से हटाकर मुरली देवड़ा को मंत्री बनाया गया, ताकि रिलायंस को गैस की कीमत 2.34 डॉलर प्रति ब्रिटिश थर्मल यूनिट (एमएमबीटीयू) से बढ़ाकर 4.2 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू दी जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


केजरीवाल ने बताया कि रिलायंस को जब उसकी मुंहमांगी कीमतें नहीं दी गई तो उसने गैस की ब्लैक मार्केटिंग शुरू कर दी। उन्होंने रिलायंस पर 2001 से मनमानी और दादागिरी करने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा कि रिलायंस की मनमानी के कारण ही देश में बिजली महंगी हुई।

उन्होंने कहा कि रिलायंस ने जब 14.2 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की मांग की, तो पिछले पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने उन्हें यह कीमत देने से मना कर दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने रिलायंस को फायदा पहुंचाने के लिए जयपाल रेड्डी को पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा दिया।


केजरीवाल ने कहा कि अगर सरकार ने रिलायंस को गैस के लिए उसकी मुंहमांगी कीमत 14.2 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू दे दी तो देश में खाद की कीमतें बढ़ जाएंगी और कई गैस चलित पॉवर प्लांट बंद हो जाएंगे। इससे रिलायंस को 43 हजार करोड़ रुपये का फायदा होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed