{"_id":"4f8add81173eda561fb375508be93420","slug":"mrinalini-sarabhai-passes-away-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मशहूर नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई का निधन","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
मशहूर नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई का निधन
एजेंसी/अहमदाबाद
Updated Fri, 22 Jan 2016 03:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मशहूर शास्त्रीय नृत्यांगना और पद्म भूषण पुरस्कार हासिल कर चुकी मृणालिनी साराभाई का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। 97 वर्षीय मृणालिनी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई की पत्नी थीं। मृणालिनी को बुधवार को उम्र संबंधी बीमारी के कारण शहर के अस्पताल में दाखिल कराया गया था लेकिन उन्हें बृहस्पतिवार की सुबह घर लाया गया था।
विज्ञापन
उन्होंने घर पर ही अपनी अंतिम सांसें लीं। उनके निधन पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान और भरतनाट्यम की प्रतिनिधि गीता चंद्रन जैसी कई मशहूर हस्तियों ने शोक जताया है। प्रसिद्ध नृत्यांगना और उनकी बेटी मल्लिका साराभाई ने फेसबुक पोस्ट के जरिये उनकी मौत की जानकारी दी। मल्लिका ने लिखा, ‘मेरी मां मृणालिनी साराभाई अपने चिरकालिक नृत्य को छोड़ कर चली गईं।’
विज्ञापन
चेन्नई के मशहूर स्वामीनाथन परिवार में जन्मीं मृणालिनी, शास्त्रीय नृत्य की विधा भरतनाट्यम और कथकली की एक प्रतिनिधि थीं। उन्हें नृत्य के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री और पद्मभूषण समेत कई अन्य पुरस्कार मिल चुके थे। उन्होंने शांतिनिकेतन में रवींद्रनाथ टैगोर के मार्गदर्शन में शिक्षा ग्रहण की।
विज्ञापन
अमेरिकी एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स के साथ थोड़े समय जुड़े रहने के बाद वह भारत वापस लौट आईं। ‘अम्मा’ के नाम से मशहूर मृणालिनी ने 1948 में दर्पण एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स की स्थापना की। इस एकेडमी से 18 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने भरतनाट्यम और कथकली में स्नातक किया।