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संसद में प्रवेश से पहले सांसदों की होगी तलाशी?

Sat, 15 Feb 2014 09:44 AM IST
Updated Sat, 15 Feb 2014 09:44 AM IST
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लोकसभा में बृहस्पतिवार को हुए तांडव के बाद अब सांसदों को सदन में प्रवेश करने से पहले तलाशी की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। इस संबंध में निर्णय लेने के लिए स्पीकर मीरा कुमार ने 17 फरवरी को संसद की सुरक्षा मामलों की समिति की आपात बैठक बुलाने का निर्देश दिया है।

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लोकसभा उपाध्यक्ष करिया मुंडा की अध्यक्षता वाली यह समिति सदन में घातक और खतरनाक सामान नहीं पहुंचने देने के लिए सांसदों की तलाशी की प्रक्रिया शुरू करने सहित कई अन्य सुझाव स्पीकर को देगी।
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उधर, शर्मसार कर देने वाली घटना की एक बार फिर निंदा करते हुए स्पीकर ने इसे संसदीय परंपराओं पर धब्बा करार दिया है। स्पीकर ने सांसदों को लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखने के लिए संसदीय मर्यादाओं के उच्च मानदंडों को बनाए रखने की नसीहत दी है।

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17 फरवरी को होगा तलाशी पर फैसला

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सांसदों को सदन में प्रवेश से पहले अपनी तलाशी देनी होगी या नहीं, इस पर 17 फरवरी को फैसला हो सकता है। स्पीकर ने संसद की सुरक्षा मामलों की समिति की आपात बैठक बुलाकर इस बारे में तत्काल सुझाव मांगे हैं।

समिति से कहा गया है कि वह सदन में खतरनाक और घातक हथियारों की पहुंच रोकने के बारे में अपने सुझाव से अवगत कराए। इसके अलावा समिति सांसदों को सुरक्षा के मद में मिले विशेषाधिकारों के सभी पक्षों के गुण-दोष पर भी व्यापक विचार विमर्श करेगी।

संसद में मिर्च स्प्रे से मची थी सनसनी

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उल्लेखनीय है कि सांसदों की सुरक्षा तलाशी का मामला नए सिरे से तब उठा जब एक दिन पहले ही लोकसभा में एक सांसद ने मिर्च स्प्रे का छिड़काव कर सनसनी फैला दी। इस दौरान एक सांसद पर चाकू लाने का भी आरोप लगा।

शर्मसार करने वाली इस घटना के बाद कई वरिष्ठ सांसदों ने आगे आकर सदन से पहले सांसदों की तलाशी अनिवार्य किए जाने की मांग की। इन सांसदों का तर्क है कि अगर पहले से यह व्यवस्था लागू होती तो सदन में इस तरह की शर्मनाक घटना नहीं घटती।

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