अपने लिए अच्छे दिन लाने की तैयारी में जुटे माननीय
नई सरकार ने आम लोगों के लिए अच्छे दिन लाने के वादे किए थे। मगर अब सांसद भी सरकार के अच्छे दिन लाने केएजेंडे में खुद को शामिल कराने के लिए जोर-शोर से जुट गए हैं। दरअसल सांसदों के वेतन और भत्ते का ध्यान रखने वाले संसदीय पैनल ने सरकार के सामने 27 नई मांगों की लंबी फेहरिस्त पेश कर दी है।
संसदीय पैनल ने सरकार से सांसदों का संसदीय क्षेत्र भत्ता बढ़ाने, निजी सहायकों का वेतन बढ़ाने, सस्ते दर पर कार लोन की तर्ज पर होम लोन मुहैया कराने के साथ-साथ राज्यों की राजधानी में गेस्ट हाउस मुहैया कराने की मांग रखी है।
इतना ही नहीं संसदीय पैनल चाहता है कि सांसदों को अपनी पत्नी के साथ ही नहीं बल्कि अपने एक मित्र के साथ भी मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की जाए। उल्लेखनीय है कि 4 साल पहले ही सांसदों के वेतन भत्ते में 300 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई थी।
इस समय एक सांसद को वेतन के रूप में 50 हजार रुपये प्रतिमाह, प्रतिदिन 2000 रुपये का दैनिक भत्ता, मुफ्त आवास, बिजली, पानी, पत्नी के साथ प्रथम श्रेणी की यात्रा, मामूली दर पर कार लोन सहित कई बड़ी सुविधा पहले से ही मुहैया कराई जा रही है। सरकार सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में संसदीय पैनल की मांग पर विचार कर सकती है।
शीत सत्र में सरकार पूरा कर सकती है मुराद
आम लोगों के लिए अच्छे दिन लाने का वादा करने वाले सांसद अब खुद ही इस दौड़ में तत्काल शामिल होने की होड़ लगा रहे हैं। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाले संसदीय पैनल ने बीते सितंबर महीने से अब तक तीन बैठकों के बाद सरकार के समक्ष सांसदों के लिए 27 नई मांग रखी है।
मांगों की इस सूची में वेतन बढ़ाने की मांग तो नहीं है, मगर सांसदों के संसदीय क्षेत्र भत्ता में 300 फीसदी की बढ़ोत्तरी की मांग की गई है। पैनल ने आवास समस्या की ओर इशारा करते हुए सरकार से सस्ती ब्याज दर पर कार लोन की तरह ही होम लोन भी उपलब्ध कराने की सिफारिश की है।
सांसदों के प्रतिदिन के कार्यों में हुए इजाफे के बहाने इनके निजी सचिवों के वेतन में भी बढ़ोत्तरी के साथ-साथ कार्यालय खर्च के लिए दी जाने वाली रकम में भी बढ़ोत्तरी की सिफारिश की गई है।
अगर सरकार ने पैनल की मांग स्वीकार कर ली तो भविष्य में सांसद अपनी पत्नी के अतिरिक्त अपने एक मित्र को भी अपने साथ फर्स्ट एसी में ट्रेन यात्रा करा सकेंगे। खासबात यह है कि पैनल ने महज तीन बैठकों में ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मांगों की सूची सरकार के सामने रख दी है। माना जा रहा है कि सरकार शीतकालीन सत्र में पैनल की सिफारिशों को कुछ संशोधनों के साथ हरी झंडी दिखा देगी।