बेटे को नौकरी दिलाने के लिए DSP ने की आत्महत्या
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एमपी में एक पुलिस अधिकारी ने आत्महत्या कर ली। माना जा रहा है कि उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनके बेटे को अनुकंपा नौकरी मिल सके।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सागर जिले के एजेके थाने में तैनात डीएसपी यशवंत ठाकुर ने अपने आवास पर ही पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली।
स्थानीय अखबारों में छपी खबरों के मुताबिक ठाकुर की उम्र करीब 59 साल थी और आठ महीने के बाद उनका रिटायरमेंट था।
अंग्रेजी अखबार TOI के मुताबिक गुरुवार को उन्होंने आत्महत्या कर ली ताकि पुलिस विभाग में उनके बेरोजगार बेटे को नौकरी मिल जाए। उनकी लाश को सबसे पहले घरेलू नौकरानी ने देखा।
पुलिस कर रही मामले की जांच
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि,"वह दोपहर को एजेके पुलिस स्टेशन गए थे अपनी सर्विस रिवॉल्वर लेने के लिए लेकिन उन्हें वह नहीं मिली क्योंकि जिस कांस्टेबल के पास चाबियां थीं वह लंच पर गया था। थोड़ी ही देर के बाद उन्होंने फांसी लगा ली।"
वह अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि बेटियों की शादी हो चुकी थी लेकिन वह अपने बेटे के लिए परेशान रहते थे क्योंकि वह बेरोजगार था।"
एक अधिकारी ने कहा कि,"अनुकंपा नौकरी का भी कोई कारण चाहिए। फिलहाल तो हम आत्महत्या के कारणों की जांच कर रहे हैं और जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।"