मदर टेरेसा को मिलेगी संत की उपाधि
अपने सामाजिक कार्यों के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वालीं स्वर्गीय मदर टेरेसा को संत की उपाधि दी जाएगी। उन्हें अगले साल सितंबर में रोमन कैथोलिक चर्च का संत बनाया जाएगा।
इसका मार्ग प्रशस्त करते हुए वेटिकन ने उनके दूसरे चमत्कार को मान्यता दे दी है। यह चमत्कार ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित ब्राजील के एक शख्स के उपचार से जुड़ा है।
बता दें कि मदर टेरेसा की मौत के बाद वर्ष 2003 में पोप जॉन पॉल ने उन्हें धन्य घोषित किया था, जो कि संत बनाए जाने की प्रक्रिया का पहला चरण है।
वैटिकन से आधिकारिक पुष्टि मिली
मिशनरीज ऑफ चैरिटी की प्रवक्ता सुनीता कुमार ने शुक्रवार को बताया, हमें अब
वैटिकन से आधिकारिक पुष्टि मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि चर्च ने दूसरे
चमत्कार की पुष्टि कर दी है।
सुनीता ने कहा, पहला चमत्कार कई साल पहले
कोलकाता में हुआ था। अब का मामला ब्राजील का है जहां उनकी (टेरेसा की)
पूर्व की प्रार्थनाओं के परिणामस्वरूप एक व्यक्ति चमत्कारिक ढंग से ठीक हो
गया है। उन्होंने कहा कि किसी संत के निधन के बाद भी ऐसे चमत्कार होते रहते
हैं।
मालूम हो कि मदर टेरेसा ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की थी और
कोलकाता में गरीबों, रोगियों तथा अनाथों की सेवा में 45 साल गुजारे। मदर
टेरेसा का 87 साल की उम्र में कोलकाता में निधन हो गया था। राज्य की
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मिशनरीज को बधाई दी है।