चमत्कार! मां की आवाज का ऐसा असर, 'मौत' से लौटा मासूम
एक मासूम जो पिछले कई हफ्ते से कोमा में था, लेकिन जैसे ही उसकी मां की रिकॉर्डेड आवाज उसे सुनाई गई ये बच्चा कोमा से बाहर आ गया।
ये सारा घटनाक्रम राजस्थान में सामने आया। बच्चे के परिजनों के मुताबिक वो पिछले तीन हफ्ते से कोमा में वेंटिलेटर पर था। ढाई साल के कपिल को हाई ब्लड प्रेशर, सांस की समस्याओं और मस्तिष्क रक्तस्त्राव जैसी कई समस्याएं थी। जिसके चलते उसे पिछले हफ्ते ही जेके लोन पेडियाट्रिक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सघन चिकित्सा के बाद भी बच्चे की सेहत में कोई सुधार दिखाई नहीं दिया। लाख कोशिशों के बाद भी जब उसे होश नहीं आया तो डॉक्टरों ने खास म्यूजिक थेरेपी के जरिए बच्चे को उसकी मां की रिकॉर्डेड आवाज सुनाई गई।
ढाई साल के कपिल को आया होश
जिसे सुनते ही बच्चे की स्थिति में सुधार आया। बच्चा होश में आ गया इसके साथ ही वो धीरे-धीरे सामान्य भी हो रहा है। बच्चे की मां ने स्थानीय धुंडरी तरीके से ये कदम उठाया। डॉक्टरों के मुताबिक मां की आवाज तकनीक का इस्तेमाल ड्रग तकनीक की तरह ही किया गया। बच्चे की रिकवरी से परिजनों में खुशी है।
लोन अस्पताल के सुपरीटेंडेट अशोक गुप्ता ने बताया कि बच्चे के अस्पताल में भर्ती कराते ही जानकार डॉक्टरों उसके इलाज में लग गए। उसमें सुधार के लिए ड्रग थेरेपी का सहारा लिया गया, जिससे उसे राहत मिल सके।
डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक कोई सुधार नहीं होने पर सात सदस्यीय टीम ने म्यूजिक थेरेपी अपनाने की योजना बनाई। रक्ताधान और ऑक्सीजन थेरेपी भी इसमें शामिल थी। संगीत होश में लाने में सहायक होता है साथ ही पीनियल ग्रंथि और मेलाटोनिन को बढ़ाने के रूप में कार्य करता है।
म्यूजिक ट्रीटमेंट ने दिखाया असर
करीब चार दिनों तो भक्ति गाने के इस्तेमाल के बाद बच्चे को उसकी मां की रिकॉर्डेड आवाज सुनाने की योजना डॉक्टरों ने बनाई। मां की रिकॉर्डेड आवाज उनकी स्थानीय भाषा में था।
डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक इसे कोई करिश्मा नहीं कह सकते, लेकिन ये अच्छा रहा की हमारी ट्रीटमेंट से बच्चे में सुधार नजर आया।
मासूम कपिल के पिता बलबीर ने बताया कि मां की आवाज सुनते ही बच्चे ने रिकवरी करनी शुरू कर दी। शायद दवाएं भी असर दिखाई हों...लेकिन हम चाहते हैं कि उसे जल्द से जल्द सभी जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जा सके...जिससे हो सकता है भगवान उसे जल्द से जल्द अच्छा कर दें।