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‘नेहरू-गांधी’ परिवार के नाम पर ज्यादातर केंद्रीय योजनाएं
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Sun, 16 Dec 2012 08:13 PM IST
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केंद्र सरकार की चलाई जा रही योजनाओं और संस्थानों में से ज्यादातर नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर हैं जबकि इनमें से मात्र चार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर हैं। यह जानकारी एक आरटीआई के जवाब में योजना मंत्रालय से मिली है।
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मंत्रालय के अनुसार, देश में केंद्र 58 संस्थान और योजनाएं चला रहा है। इनमें से 27 योजनाएं और संस्थान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम पर हैं। हिसार स्थित आरटीआई कार्यकर्ता रमेश वर्मा ने मंत्रालय से इस संबंध में जानकारी मांगी थी।
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इस जानकारी के अनुसार, देश में राजीव गांधी के नाम पर सबसे अधिक 16, जबकि उनकी मां इंदिरा के नाम पर 8 और उनके नाना जवाहर लाल नेहरू के नाम पर 3 योजनाएं और संस्थान चल रहे हैं।
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महात्मा गांधी के नाम पर केवल चार संस्थान और योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ये गांधी स्मृति और दर्शन स्मृति, गांधी शिल्प बाजार, महात्मा गांधी बुनकर बीमा योजना और यूपीए की अहम योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) है।
अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों में से बीआर अंबेडकर के नाम पर चार, मौलाना अबुल कलाम तीन, लाल बहादुर शास्त्री दो, महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा, सरदार वल्लभ भाई पटेल, अटल बिहारी वाजपेई, रबींद्रनाथ टैगोर, जाकिर हुसैन और बाबू जगजीवन राम के नाम पर एक-एक योजना और संस्थान चल रहे हैं।
इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई, राजा राममोहन राय और फिल्म निर्माता सत्यजीत रे के नाम पर भी एक-एक योजना है। बीआर अंबेडकर के नाम पर भी चार योजनाएं और संस्थान 1992 में कांशीराम और मायावती द्वारा शुरू की गई बसपा के बढ़ते प्रभाव के बाद की गईं।