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दुर्गा की ढहाई गई दीवार की जगह बन गई मस्जिद

Sun, 27 Jul 2014 08:36 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sun, 27 Jul 2014 08:36 AM IST
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Mosque built where Durga Nagpal had razed wall

ग्रेटर नोएडा में जिस अवैध दीवार को गिराने की वजह से आईएएस ऑफिसर दुर्गा शक्ति नागपाल को निलंबन का सामना करना पड़ा था, उस जगह पर एक मस्जिद बनकर तैयार हो गई है।

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ये पूरा मामला 27 जुलाई 2013 को सामने आया था जब गौतमबुद्ध नगर की तत्कालीन एसडीएम दुर्गा नागपाल ने सरकारी जमीन पर बन रही एक दीवार को गिरा दिया था। उनके इस फैसले के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया।
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हालांकि इस घटना के महज एक साल बीतने के बाद अब उसी सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से मस्जिद का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक अब इस मस्जिद के रंग रोगन और प्लास्टर का ही काम बचा है।

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प्रशासन का जानकारी होने से इंकार

Mosque built where Durga Nagpal had razed wall

इस मामले में जब जिला प्रशासन से बात की गई तो उन्होंने ऐसे किसी भी निर्माण कार्य की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया।

इस मुद्दे पर गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी ए.वी. राजमौली से बात की गई तो उन्होंने कहा, "कादलपुर गांव में मस्जिद के निर्माण को लेकर कोई सरकारी इजाजत ली गई है या नहीं, इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है।"

कादलपुर गांव गौतमबुद्ध नगर के सदर क्षेत्र में आता है। जहां के एसडीएम (सदर) बच्चू सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने कहा, "मुझे पता चला है कि कादलपुर गांव में मस्जिद का निर्माण मेरी नियुक्ति से 10 महीने पहले हो चुका था, लेकिन मैं जल्द ही वहां जाकर मामले की जांच करूंगा।"

अखिलेश सरकार ने किया था दुर्गा का निलंबन

Mosque built where Durga Nagpal had razed wall

बता दें कि जिस समय दुर्गा नागपाल कों निलंबित किया गया वो एसडीएम सदर के पद पर ही तैनात थी। उन्होंने फरवरी से जुलाई के बीच रेत माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ रखा था।

नोएडा पुलिस के साथ मिलकर उन्होंने इस दौरान कार्रवाई में 66 एफआईआर दर्ज की गई, 104 लोग गिरफ्तार किए गए और 81 गाड़ियों को जब्त किया गया।

उसी समय समाजवादी पार्टी के नेता नरेंद्र भाटी का एक वीडियो सामने आया, जिसमें भाटी एक सभा को संबोधित करते हुए 41 मिनट में दुर्गा शक्ति को निलंबित करवाने की बात कही।

इस वीडियो के बाद ही दुर्गा नागपाल का निलंबन हुआ। हालांकि इस विवाद को लेकर यूपी की अखिलेश सरकार की अच्छी खासी किरकिरी भी हुई। इसके बाद भी अखिलेश सरकार अपने फैसले पर आखिर तक अडिग रही।

राज्य सरकार ने दुर्गा नागपाल को 4 अगस्त को चार्जशीट सौंपा। इसके बाद उनका निलंबन 22 सितंबर को ही हटा, जब उन्होंने एक दिन पहले अपने पति के साथ सीएम अखिलेश से मुलाकात की।

22 सितंबर को हटा दुर्गा का निलंबन

Mosque built where Durga Nagpal had razed wall

इस मुलाकात के कुछ दिन बाद ही उनकी नियुक्ति जॉइंट मैजिस्ट्रेट, कानपुर देहात के पद पर हुई और फिर इस साल मार्च में उन्हें मुख्य विकास अधिकारी के तौर पर मथुरा भेज दिया गया। 12 जुलाई को उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की हरी झंडी मिल गई। फिलहाल उन्हें इस पोस्टिंग का इंतजार है।

इस दौरान ग्रेटर नोएडा फिर वहीं पहुंच गया जहां दुर्गा शक्ति ने उसे रोका था। इलाके में खनन माफिया फिर से सक्रिय हो गए हैं और जिला प्रशासन की जानकारी के बिना ही एक मस्जिद का भी निर्माण हो गया। जिसके बारे में प्रशासन को पता नहीं कि मस्जिद कानूनी है या नहीं।

मस्जिद के मौलवी हाफिज आस मोहम्मद कहते हैं, "हम सभी जिम्मेदार नागरिक हैं और आपसी सद्भाव से रहते हैं। दीवार गिराए जाने के बाद कुछ तनाव जरूर था लेकिन सभी गांववालों का व्यवहार सामान्य बना रहा।"

हालांकि बताया जा रहा है कि मस्जिद का निर्माण दुर्गा शक्ति नागपाल की नियुक्ति के दौरान शुरू नहीं हुआ था। स्थानीय लोगों के मुताबिक साल 2008 से ही इसे बनाने की कोशिश चल रही थी लेकिन उनके पास पैसे की कमी थी। लेकिन दुर्गा नागपाल की कार्रवाई ने इस मामले को सुर्खियों में ला दिया और इसके बाद मस्जिद के लिए धन मिलने लगा जिससे इसका निर्माण जल्दी हो सका।

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