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'यूपीए कार्यकाल में जवानों से ज्यादा किसानों की मौत'

Thu, 20 Mar 2014 11:07 PM IST
एजेंसी/यवतमाल, वर्धा (महाराष्ट्र)
एजेंसी/यवतमाल, वर्धा (महाराष्ट्र) Updated Thu, 20 Mar 2014 11:07 PM IST
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more farmer died in upa term said narendra modi

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में किसानों से आत्महत्या जैसा बड़ा कदम न उठाने का आह्वान करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी पूरी तरह से उनके साथ है। विदर्भ क्षेत्र के यवतमाल जिले में ‘किसान पे चर्चा’ के दौरान मोदी ने किसानों से मुखातिब होते हुए कहा कि आत्महत्या करना समस्या से लड़ने का रास्ता नहीं है।

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पिछले एक दशक में विदर्भ में बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा कि न सिर्फ किसान आत्महत्या कर रहे हैं बल्कि उनके पीछे उनके परिवार भी अपनी जीवनलीला खत्म कर रहे हैं। उन्होंने यूपीए सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया।
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मोदी ने कहा कि पिछले दस साल के यूपीए कार्यकाल के दौरान देश में सीमा पर जवानों से ज्यादा किसानों की मौत हुई। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों को कर्ज देने वाले साहूकारों के चंगुल से छुड़ाने, तर्कसंगत कृषि निर्यात नीति और नदियों को जोड़ने का काम करेगी।

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यूपीए सरकार पर मोदी ने कसे तंज

more farmer died in upa term said narendra modi

मोदी ने महाराष्ट्र में वर्धा के किसानों से भी चर्चा की। मोदी ने कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं जबकि दिल्ली में सरकार सो शांति से सो रही है। कई कारणों की वजह से किसानों को कर्ज लेना पड़ता है और वे इसके जाल में फंस जाते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो किसानों को साहूकारों के चंगुल में फंसने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार की तरह से यह गारंटी है कि किसानों को आत्महत्या नहीं करने दी जाएगी। कपास की खेती करने वाले किसानों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि सरकार मीट उत्पादों को बढ़ावा दे रही है जबकि कपास के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। इस वजह से बड़ा नुकसान हुआ।

उन्होंने सवाल किया, ‘आखिर कपास के निर्यात पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?’ मोदी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ‘हर बार आपदा के बाद राहत पैकेज घोषित करना तो एक तरह से फैशन बन गया है। अब समय आ गया है जब उन लोगों को पैक करना चाहिए, जो ऐसे पैकेज घोषित कर रहे हैं, जो किसानों तक पहुंचता ही नहीं।’

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