{"_id":"5d8775037b075b55eadf167d61c42ca3","slug":"more-disasters-waiting-to-happen-in-uttarakhand-iaf-officer","type":"story","status":"publish","title_hn":"'उत्तराखंड में फिर तबाही की आशंका'","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
'उत्तराखंड में फिर तबाही की आशंका'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 19 Nov 2013 07:16 PM IST
विज्ञापन
उत्तराखंड समेत पूरा देश देव नगरी में जून महीने में आई भीषण आपदा को अभी पूरी तरह से भूल भी नहीं पाया है, ऐसे में भारतीय वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उत्तराखंड में और अधिक आपदाओं के आने की आशंका जाहिर की है।
विज्ञापन
साथ ही इससे बचाव के लिए राहत और बचाव सामग्री के एकत्र करने पर जोर दिया है। राज्य में आई आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले इस अधिकारी ने राहत सामग्री को सुविधाजनक स्थलों पर नियमित आधार पर पूरी तरह तैयार रखने की जरूरत पर जोर दिया।
विज्ञापन
जून महीने में ग्लेशियर के पिघलने और लगातार भारी बारिश के चलते केदारनाथ और आसपास के इलाकों में भीषण तबाही मची थी। उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन राहत’ के दौरान वायुसेना समन्वयक रहे एयर वाइस मार्शल एसआरके नायर ने यह आशंका जताई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस पूरे क्षेत्र में ऐसी कई हिमनद झीलें मौजूद हैं और ऐसे में इस तरह की आपदाओं के फिर से आने की आशंका काफी ज्यादा है। इसलिए किसी भी आपातकालीन हालात से निपटने के लिए सुरक्षित जगहों पर हेलीकॉप्टरों के लिए पर्याप्त ईंधन समेत अन्य राहत सामग्री को एकत्र किया जाना चाहिए।
नायर ने यह बात दिल्ली में आयोजित हेलीपॉवर इंडिया नामक एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कही। उन्होंने उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में राहत सामग्रियों के एकत्र करने के स्थायी कदमों पर जोर दिया।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान ने उत्तराखंड में आई बाढ़ पर अपनी पहली रिपोर्ट में इसके लिए प्राकृतिक स्थितियों के साथ ही बेतरतीब मानवीय हस्तक्षेप को भी जिम्मेदार ठहराया था।