फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Moon will look reddish on full Lunar eclipse

शनि को होने वाले चंद्र ग्रहण से क्यों फैला भय?

Thu, 02 Apr 2015 04:42 PM IST
एजेंसी/ लंदन
एजेंसी/ लंदन Updated Thu, 02 Apr 2015 04:42 PM IST
विज्ञापन
Moon will look reddish on full Lunar eclipse

जो लोग मानते हैं कि अंधविश्वास केवल भारत या एशिया के देशों में ही फैला है वो गलत हैं। इस बार शनिवार को पड़ने वाला पूर्ण चंद्रग्रहण उत्तरी अमेरिका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देगा। इस दिन चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा, जिसे बाइबिल में ब्लड मून का नाम दिया गया है।

विज्ञापन


पश्चिमी देश इस ब्लड मून को लेकर दुनिया में कई नाटकीय बदलाव होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं, जबकि नासा ने कहा है कि इसका कोई बुरा असर दुनिया पर नहीं पड़ेगा।
विज्ञापन


नासा ने कहा कि चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा अक्सर लाल रंग का दिखाई देता है क्योंकि सूर्य की किरणें पृथ्वी के वातावरण से होते हुए गुजरती हैं और यह प्रक्रिया सूर्य के नीले रंग के प्रकाश को फिल्टर कर देती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अत: इसका कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। नासा ने कहा कि इसके नामकरण में इसे ब्लड मून कहा गया है इसलिए इसका अर्थ धर्मशास्त्री बुरे संदर्भ में निकाल बैठे हैं।

इस घटना का उल्लेख बाइबिल में भी

Moon will look reddish on full Lunar eclipse

उधर दूसरी तरफ अमेरिका में अधिकांश लोगों द्वारा मान्यता प्राप्त पादरी जॉन हैगी ने कहा कि बाइबिल में संदर्भ मिलता है कि धरती पर देवताओं के अवतरण से पहले सूर्य पर अंधकार छा जाएगा और चंद्रमा सुर्ख लाल हो जाएगा।

जॉन ने एक पुस्तक भी लिखी है, जिसमें चार बार चंद्रमा के लाल होने की घटना का उल्लेख है। शनिवार को चंद्रग्रहण के दौरान तीसरी बार यह लाल रंग का दिखाई देगा।


क्यों दिखाई देगा ब्लड मून
•चंद्रमा पृथ्वी की छाया में सूर्य के सामने से होकर निकलेगा,
इस क्षेत्र को उम्ब्रा के रूप में जाना जाता है, जहां सूर्य की रोशनी पृथ्वी रोक लेती है
•यहां से प्रकाश कुछ अलग ढंग से वातावरण में अपवर्तित होता है जो चंद्रमा को लाल कर देता है,
पूर्ण चंद्रग्रहण नहीं होने की स्थिति में यह लाल नहीं दिखाई देता है

ब्लड मून की तिथियां
पहला : अप्रैल 15, 2014
दूसरा : अक्तूबर 8, 2014
तीसरा : अप्रैल 4, 2015
चौथा : सितंबर 28, 2015

आखिर क्या है ब्लड मून?

Moon will look reddish on full Lunar eclipse

चार अप्रैल को होने वाला चंद्रग्रहण खास है। इस बार ब्लड मून की संभावना है। चंद्रग्रहण का अर्थ है, चंद्रमा और सूर्य के बीच पृथ्वी का आना। जबकि ब्लड मून पूर्ण चंद्रग्रहण की वह स्थिति है, जिसमें चंद्रमा बिल्कुल लाल दिखता है।

ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि पूर्ण चंद्रग्रहण में चंद्रमा को सूर्य की रोशनी नहीं मिलती और पृथ्वी की छाया उस पर होती है। चूंकि पृथ्वी के वातावरण से छिटककर ही रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है, इसलिए वह सूर्ख लाल या नारंगी रंग का दिखता है।

ब्लड मून शब्द किसी खगोल विज्ञानी ने नहीं गढ़ा है, बल्कि इसका उपयोग ईसाई पादरी जॉन हेगी ने वर्ष 2013 में प्रकाशित अपनी किताब फोर ब्लड मून्स में किया था।

किताब में वर्ष 2014 और 15 में होने वाले चार लगातार पूर्ण चंद्रग्रहण को ब्लड मून कहा गया, क्योंकि इनमें से दो चंद्रग्रहण का मेल दो महत्वपूर्ण यहूदी छुट्टियों के साथ है।

बाद में मीडिया ने ब्लड मून शब्द का खूब इस्तेमाल किया। ब्लड मून के तहत दो पू्र्ण चंद्रग्रहण पिछले वर्ष 15 अप्रैल और आठ अक्तूबर को हो चुके हैं, जबकि दो पूर्ण चंद्रग्रहण इस वर्ष चार अप्रैल और 28 सितंबर को होने वाले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed