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हंगामे के बीच शुरू हुआ संसद का मानसून सत्र

Tue, 21 Jul 2015 03:59 PM IST
Updated Tue, 21 Jul 2015 03:59 PM IST
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Monsoon session of Parliament started

संसद का मानसून सत्र मंगलवार से शुरू हो गया। सत्र शुरु होने से पहले सरकार ने विपक्ष के सकारात्मक रवैये की उम्मीद जताई थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सदन में विपक्ष ने ललित मोदी के मुद्दे पर सरकार पर जमकर हमला बोला।

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राज्यसभा में विपक्ष ने ललिल मोदी की मदद करने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के इस्तीफे की मांग जिसे सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया। कांग्रेस ने आक्रामक रूख इख्तियार करते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि ललित मोदी की केंद्र सरकार ने मानवता के आधार पर मदद तो की लेकिन ललित ने दस्तावेज लेकर मौज-मस्ती की। उन्होंने इस मामले पर सरकार से जवाब मांगा।
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राज्यसभा के नेता अरुण जेटली ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा शुरू कीजिए, विदेश मंत्री तुरंत जवाब देंगी। इसके बावजूद हंगामा जारी रहा जिसके बाद स्पीकर को संसद की कार्यवाही को तीन बार स्थगित करना पड़ा। पहला स्थगन 12 बजे तक, दूसरा 12:30 बजे और तीसरी स्थगन 2 बजे तक किया गया।

सुषमा के इस्तीफे की मांग

Monsoon session of Parliament started

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सकारात्मक कार्यवाही की उम्मीद जताते हुए कहा, 'कल अच्छे माहौल में सर्वदलीय बैठक हुई। आशा है सत्र में अच्छे और अधिक फैसले होंगे। अबतक सबके सहयोग के लिए धन्यवाद। आगे भी सभी सांसदों का उत्तम योगदान रहेगा, ऐसा मुझे भरोसा है।'

आपको बता दें कि सोमवार दिन भर चली बैठकों में सरकार आगे की रणनीति बनाती दिखी। वहीं कांग्रेस शुरु से ही इस बात पर मंथन करती दिखी की सरकार को किन-किन मुद्दों पर घेरा जा सकता है। संसद की कार्यवाही के दौरान सरकार का ललितगेट और व्यापम जैसे मामलों में विपक्ष की मांग को कोई तवज्जो नहीं देने के बाद सोनिया और राहुल गांधी ने संसद परिसर में ही धरना देने का ऐलान किया।

दरअसल, कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि सुषमा, वसुंधरा और शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे के बगैर वह संसद की कार्रवाई नहीं चलने देंगे, लेकिन सरकार की तरफ से भी किसी भी नेता के इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज कर दिया गया है।

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