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मानसून सत्र आज से, जदयू व सपा के रुख पर नजरें

Mon, 05 Aug 2013 12:14 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Mon, 05 Aug 2013 12:14 AM IST
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monsoon session begins today

संसद का सोमवार से शुरू हो रहा मानसून सत्र बीते कुछ सत्रों की तरह ही हंगामेदार होने की संभावना है।

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हालांकि सभी दलों ने दो-दो सर्वदलीय बैठकों में सदन के संचालन में सहयोग करने का आश्वासन दिया है, मगर अपने अपने मुद्दों के प्रति दलों के गंभीर रुख कुछ और ही कहानी बयां करते दिख रहे हैं।

सरकार के सामने जहां महज 18 बैठकों में लगभग चार दर्जन विधेयकों को पेश और पारित कराने की चुनौती है, वहीं चुनाव नजदीक होने के कारण एक भी दल अपने मुद्दों के प्रति समझौता करने के मूड में नहीं दिखाई दे रहा।
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मसलन सपा के तेवर खाद्य सुरक्षा विधेयक पर तीखे हैं तो तृणमूल कांग्रेस तेलंगाना पर बनी सहमति के बाद अपने राज्य में गोरखालैंड की मांग का सुर तेज होने से यूपीए सरकार से नाराज है। भाजपा दर्जनों मुद्दों पर चर्चा कराने और इससे कम पर नहीं मानने पर अड़ी है।
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दुर्गा मामले उठाने की तैयारी
इस सबके बीच सोमवार को ही कई दल आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन मामले को दोनों ही सदनों में जोरशोर से उठाने की तैयारी में हैं। नागपाल के निलंबन पर सपा के यूपीए सरकार से खट्टे हुए रिश्तों की बानगी इस सत्र में देखने को मिल सकती है।

सपा ने जहां इस मुद्दे पर कांग्रेस और सरकार पर लगातार वार किया है, वहीं खाद्य सुरक्षा विधेयक के खिलाफ मतदान करने की भी धमकी दे डाली है।

इस सत्र में सबकी नजरें जदयू पर भी होंगी कि भाजपा से अलगाव के बाद वह विभिन्न अहम मुद्दों पर सरकार का साथ देती है या नहीं।

संसद में सरकार को घेरेगी भाजपा
मानसून सत्र में भाजपा तमाम मुद्दों पर यूपीए सरकार को घेरेगी। रविवार को भाजपा ने पहले अपने नेताओं और बाद में राजग की बैठक बुला कर सरकार की घेराबंदी की अपनी रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए गंभीर मंथन किया।

भाजपा की योजना पहले ही दिन तेलंगाना राज्य के मुद्दे को उठाने की है। पार्टी इस राज्य के लिए इसी सत्र में विधेयक पेश किए जाने की मांग पर अड़ी है।

पार्टी लगभग पांच दर्जन सांसदों द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को पत्र लिखकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वीजा नहीं दिए जाने की मांग संबंधी मुद्दा भी प्रमुखता से उठाएगी।


इसके अलावा पार्टी इशरत जहां मुठभेड़ मामले में सीबीआई और आईबी के बीच हुई सार्वजनिक लड़ाई, उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से निपटने में हुई लापरवाही, डॉलर के मुकाबले रुपये की लगातार घटती कीमत, चीन का भारतीय सीमा में लगातार घुसपैठ करने और आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन का मामला जोरशोर से उठाने के मूड में है।

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