फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Monsoon season is likely to be stormy

हंगामेदार होगा संसद का मानसून सत्र

Mon, 20 Jul 2015 11:25 PM IST
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, दिल्ली
धीरज कनोजिया/अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 20 Jul 2015 11:25 PM IST
विज्ञापन
Monsoon season is likely to be stormy

मोदी सरकार और कांग्रेस के कड़े तेवरों के साथ ही आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में व्यापमं और ललित गेट पर महासंग्राम छिड़ना तय हो गया है। कल सर्वदलीय बैठक में ही सरकार और विपक्ष के बीच तलवारें खिंच गई।

विज्ञापन


ललित गेट और व्यापम घोटाले के मुद्दे पर मंत्री और मुख्यमंत्रियों की मांग को सरकार ने सिरे से ठुकरा दिया तो कांग्रेस ने भी दो टूक कह दिया कि फिर सदन चलना मुश्किल है।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में कहा कि संसद चलाना सबकी जिम्मेदारी है। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए है। प्रधानमंत्री की बातचीत की पेशकश के बावजूद सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

ललित गेट बनेगा मुद्दा

Monsoon season is likely to be stormy

सबसे पहले सरकार की ओर से विपक्ष के तेवरों को नरम करने के लिए बैठक बुलाई गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडु, गृह मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे तो दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद कांग्रेस का नेतृत्व कर रहे थे।

ललित गेट और व्यापमं घोटाले के मुद्दे पर संसद नहीं चलने की कांग्रेस चेतावनी से सपा, तृणमूल कांग्रेस और बसपा जैसे क्षेत्रीय दल पूरी तरह से सहमत नहीं है।

संसदीय कार्यमंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक में कई दलों ने कांग्रेस के रूख को लेकर असहमति जताई। मगर कांग्रेस अपने तेवर नरम करने के लिए तैयार नहीं है।

इस्तीफे का सवाल नहीं उठता- नायडू

Monsoon season is likely to be stormy

सरकार की पहल पर हुई सर्वदलीय बैठक के बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी सभी दलों के नेताओं की बैठक की इसमें कहने को तो सभी ने सदन चलाने में सहयोग का भरोसा दिया। मगर राजनीतिक गरमी से वाकिफ स्पीकर ने कहा कि हंगामा कर सदन नहीं चलने दिया जाता तो फिर देखना होगा कि क्या किया जा सकता है।

संसद के मानूसन सत्र से पहले कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर सीधे वार कर दिया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार को लेकर आंखे मूंदने का आरेप लगाया है।

संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडु ने कहा कि किसी की धमकी के दबाव में आने का सवाल ही नहीं है और इस्तीफों का प्रश्न ही कहां से उठता है।

इस्तीफा नहीं हुआ चलने नहीं देंगे सदन-गुलाम नबी

Monsoon season is likely to be stormy

कोई भी सरकार पर दबाव नहीं डाल सकता। सरकार की ओर से किसी भी केंद्रीय मंत्री ने कोई गलत, गैर कानूनी या फिर अनैतिक नहीं किया है।

सर्वदलीय बैठक में ही कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने साफ कह दिया कि ललित गेट के मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तो व्यापमं घोटाले पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ तो सदन चलाना मुश्किल होगा।

इसकेअलावा पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बावजूद संघर्ष विराम का उल्लंघन का मुद्दा उठाया जाएगा। कांग्रेस भूमि अधिग्रहण विधेयक और वस्तु एवं सेवा कर बिल को रोकने की तैयारी में है।

राज्य सभा में पहले दिन होगा हंगामा

Monsoon season is likely to be stormy

आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद दिलीप सिंह भूरिया की मृत्यु पर शोक व्यक्त कर उनको श्रद्घांजलि दी जाएगी।

उसके बाद सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित हो जाएगी। वहीं राज्यसभा में कांग्रेस ललित गेट और व्यापमं घोटाले के मुद्दे पर हंगामा करेगी।

लेकिन इन सबके बावजूद ललित गेट और व्यापम के सियासी भंवर में घिरे होने के बावजूद भाजपा मानसून सत्र में आक्रामक रुख अपनाएगी।

अपना पक्ष खुद रखेंगी सुषमा

Monsoon season is likely to be stormy

मुख्यमंत्री शिवराज और वसुंधरा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर अपने बचाव के लिए पार्टी नेताओं को जवाब का पुलिंदा थमाया है, तो ललित गेट मामले में घिरीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपना पक्ष खुद रखने का निर्णय लिया है।

उन्होंने पीएम से लेकर पार्टी अध्यक्ष तक से कहा है कि आरोपों का जवाब वह खुद देंगी। कहा जा रहा है कि बुधवार को स्वराज संसद में बयान देंगी। केंद्रीय मंत्री के पास अधिकार होता है कि वह किसी भी मामले में अपना पक्ष रख सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed