हंगामेदार होगा संसद का मानसून सत्र
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मोदी सरकार और कांग्रेस के कड़े तेवरों के साथ ही आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में व्यापमं और ललित गेट पर महासंग्राम छिड़ना तय हो गया है। कल सर्वदलीय बैठक में ही सरकार और विपक्ष के बीच तलवारें खिंच गई।
ललित गेट और व्यापम घोटाले के मुद्दे पर मंत्री और मुख्यमंत्रियों की मांग को सरकार ने सिरे से ठुकरा दिया तो कांग्रेस ने भी दो टूक कह दिया कि फिर सदन चलना मुश्किल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में कहा कि संसद चलाना सबकी जिम्मेदारी है। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए है। प्रधानमंत्री की बातचीत की पेशकश के बावजूद सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ।
ललित गेट बनेगा मुद्दा
सबसे पहले सरकार की ओर से विपक्ष के तेवरों को नरम करने
के लिए बैठक बुलाई गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संसदीय
कार्यमंत्री वेंकैया नायडु, गृह मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे तो दूसरी तरफ
कांग्रेस की ओर से राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद कांग्रेस का
नेतृत्व कर रहे थे।
ललित गेट और व्यापमं घोटाले के मुद्दे पर संसद नहीं
चलने की कांग्रेस चेतावनी से सपा, तृणमूल कांग्रेस और बसपा जैसे क्षेत्रीय
दल पूरी तरह से सहमत नहीं है।
संसदीय कार्यमंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक
में कई दलों ने कांग्रेस के रूख को लेकर असहमति जताई। मगर कांग्रेस अपने
तेवर नरम करने के लिए तैयार नहीं है।
इस्तीफे का सवाल नहीं उठता- नायडू
सरकार की पहल पर हुई सर्वदलीय बैठक के
बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी सभी दलों के नेताओं की बैठक की इसमें
कहने को तो सभी ने सदन चलाने में सहयोग का भरोसा दिया। मगर राजनीतिक गरमी
से वाकिफ स्पीकर ने कहा कि हंगामा कर सदन नहीं चलने दिया जाता तो फिर देखना
होगा कि क्या किया जा सकता है।
संसद के मानूसन सत्र से पहले कांग्रेस ने
प्रधानमंत्री पर सीधे वार कर दिया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर
भ्रष्टाचार को लेकर आंखे मूंदने का आरेप लगाया है।
संसदीय कार्यमंत्री
वेंकैया नायडु ने कहा कि किसी की धमकी के दबाव में आने का सवाल ही नहीं है
और इस्तीफों का प्रश्न ही कहां से उठता है।
इस्तीफा नहीं हुआ चलने नहीं देंगे सदन-गुलाम नबी
कोई भी सरकार पर दबाव नहीं डाल
सकता। सरकार की ओर से किसी भी केंद्रीय मंत्री ने कोई गलत, गैर कानूनी या
फिर अनैतिक नहीं किया है।
सर्वदलीय बैठक में ही कांग्रेस नेता गुलाम नबी
आजाद ने साफ कह दिया कि ललित गेट के मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तो व्यापमं घोटाले पर मध्य प्रदेश
के मुख्यमंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ तो सदन चलाना मुश्किल होगा।
इसकेअलावा
पाकिस्तान से दोस्ती का हाथ बढ़ाने के बावजूद संघर्ष विराम का उल्लंघन का
मुद्दा उठाया जाएगा। कांग्रेस भूमि अधिग्रहण विधेयक और वस्तु एवं सेवा कर
बिल को रोकने की तैयारी में है।
राज्य सभा में पहले दिन होगा हंगामा
आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून
सत्र के पहले दिन लोकसभा में मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद दिलीप सिंह भूरिया
की मृत्यु पर शोक व्यक्त कर उनको श्रद्घांजलि दी जाएगी।
उसके बाद सदन की
कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित हो जाएगी। वहीं राज्यसभा में कांग्रेस
ललित गेट और व्यापमं घोटाले के मुद्दे पर हंगामा करेगी।
लेकिन इन सबके बावजूद ललित गेट और व्यापम के सियासी भंवर में घिरे होने के बावजूद भाजपा मानसून सत्र में आक्रामक रुख अपनाएगी।
अपना पक्ष खुद रखेंगी सुषमा
मुख्यमंत्री शिवराज और वसुंधरा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर
अपने बचाव के लिए पार्टी नेताओं को जवाब का पुलिंदा थमाया है, तो ललित गेट
मामले में घिरीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपना पक्ष खुद रखने का
निर्णय लिया है।
उन्होंने पीएम से लेकर पार्टी अध्यक्ष तक से कहा है कि
आरोपों का जवाब वह खुद देंगी। कहा जा रहा है कि बुधवार को स्वराज संसद में
बयान देंगी। केंद्रीय मंत्री के पास अधिकार होता है कि वह किसी भी मामले
में अपना पक्ष रख सकता है।