मोदी के 'मिशन बनारस' में बंदर बने अड़ंगा
नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को हाई-टेक बनाने की सारी कोशिशों के रास्ते में एक ऐसी बाधा है, जिसे दूर करना बड़ा ही मुश्किल काम लग रहा है। वाराणसी को आधुनिक बनाने का मोदी का सपना बाधाओं से घिर गया है।
ये बाधा हैं बंदर। करीब 3000 साल पुराना शहर वाराणसी मंदिरों से भरा हुआ है, जिससे लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। इन मंदिरों में बंदर भी खूब रहते हैं। लोग इन बंदरों को खाने-पीने की चीजें देते हैं और उन्हें भगवान हनुमान मानकर उनका सम्मान भी करते हैं।
आपको बता दें कि यहां पर जो भी वायर या केबल लगाई जाती हैं, उन्हें ये बंदर काट देते हैं या फिर उस पर लटक-लटक कर तोड़ डालते हैं। ऐसे में वाराणसी हाई-टेक नहीं हो पा रहा है।
ऐसे में अगर यहां से बंदरों को हटाने के लिए उन्हें पकड़ा जाए या फिर भगाने की कोशिश की जाए, तो इससे लोगों की आस्था पर भी ठेस पहुंचेगी, इसलिए यह कदम भी नहीं उठाया जा सकता है।
आबादी भी है एक कारण
वाराणसी में आबादी तो अधिक है ही, साथ ही यहां पर लोग अव्यवस्थित तरीके से भी बसे हुए हैं। ऐसे में केबल को अंडरग्राउंड भी नहीं डाला जा सकता है।
कम्यूनिकेशन इंजीनियर एपी श्रीवास्तव ने बताया कि यहां से मंदिर को हटाकर कहीं और नहीं ले जाया जा सकता है। न ही यहां पर मरम्मत या आधुनिकीकरण के काम हो पा रहे हैं। वे बोले कि यहां रहने वाले बंदर सभी तारों को काट देते हैं और खा जाते हैं।