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बीएचयू के छात्रों की गुहार मुझे मेरी टीचर से बचाओ
बृजेश सिंह/नई दिल्ली
Updated Fri, 26 Apr 2013 01:38 AM IST
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पत्रकारिता विभाग के छात्रों ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री पल्लम राजू से मुलाकात कर उन्हें विभाग की ही एक महिला शिक्षिका से बचाने की गुहार लगाई है।
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उक्त शिक्षिका ने पत्रकारिता विभाग की तीन छात्राओं तथा तीन छात्रों के खिलाफ छेड़छाड़ तथा अभद्रता का मुकदमा दर्ज करा रखा है।
रिपोर्ट को विभाग के शिक्षकों की आंतरिक गुटबाजी का परिणाम बताते हुए छात्रों ने पूरे मामले की मंत्रालय स्तर पर जांच कराने की मांग की है।
छात्रों ने मानव संसाधन मंत्री को दी गई लिखित शिकायत में कहा है कि पत्रकारिता विभाग में तैनात डॉ. शोभना नार्लीकर के खिलाफ कुछ छात्र लगातार यह शिकायत करते रहे हैं कि वे क्लास में छात्रों को संबंधित विषय ठीक से नहीं पढ़ा रही हैं।
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छात्रों के अनुसार डॉ. शोभना को अपने विषय की अच्छी समझ नहीं है। छात्रों ने सीनियर अधिकारियों को लिखकर दे दिया है कि वे डॉ. शोभना से नहीं पढ़ना चाहते हैं। इस पर वे छात्रों को धमकी देने लगीं। छात्रों का आरोप है कि डॉ. शोभना ने इस शिकायत को विभाग की आंतरिक गुटबाजी का हिस्सा बना दिया।
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उन्होंने छात्रों की शिकायत में कुछ शिक्षकों को शामिल करते हुए पहले इसे एससीएसटी के मुद्दे के रूप में उठाया तथा बाद में तीन छात्राओं तथा तीन छात्रों सहित एक शिक्षक के खिलाफ एससीएसटी, महिला उत्पीड़न तथा छेड़छाड़ आदि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
हालांकि कुलपति स्तर से मामले की जांच के लिए दो कमेटियां भी गठित की गईं। दोनों कमेटियों ने डॉ. शोभना के खिलाफ रिपोर्ट दी है लेकिन छात्रों का उत्पीड़न नहीं रुका है।
पत्रकारिता विभाग के छात्रों ने मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू से शिकायत की है कि विभाग की आंतरिक गुटबाजी तथा विश्वविद्यालय की कमजोर प्रशासनिक इच्छा शक्ति के चलते अब छात्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मंत्रालय स्तर से पूरे मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई किए जाने का भी अनुरोध किया है। मानव संसाधन मंत्री ने छात्र प्रतिनिधि दल में शामिल राघवेंद्र मिश्र, अरुण प्रकाश तथा शरद जायसवाल से लिखित शिकायत लेकर पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।