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पहले बेटियों से छेड़छाड़, फिर गांव छोड़ने का फरमान

Tue, 15 Oct 2013 02:14 PM IST
अमर उजाला, अलीगढ़
अमर उजाला, अलीगढ़ Updated Tue, 15 Oct 2013 02:14 PM IST
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molestation and torture with girls family

अलीगढ़ में एक दलित परिवार को दबंगों ने सिर्फ इसलिए गांव छोड़ने का फरमान सुना दिया क्योंकि बेटियों के छेड़ने की शिकायत करने वह पुलिस के दर पर पहुंच गया था।

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इस दहशत में अब परिवार गांव से पलायन को मजबूर है। हालांकि एसओ चंडौस महीपाल सिंह चाहर कहते हैं कि इस तरह का प्रकरण कभी उनके संज्ञान में नहीं आया है। अगर सामने आएगा तो जरूर मदद की जाएगी।

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यह दर्द भरी कहानी चंडौस के गांव अमृतपुर की है। दलित व्यक्ति की 16 व 18 साल की दो बेटियां चंडौस के एक इंटर कॉलेज में पढ़ने जाती हैं। गांव के दबंग अक्सर उनकी बेटियों को छेड़ते हैं। पिता ने दबंगों से भी बात की, मगर उन्हें उल्टा जवाब दे दिया गया।

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इसके चलते दो माह से बेटियों ने स्कूल जाना ही बंद कर दिया। थाने में भी कोई सुनवाई नहीं हुई। पिता 7 अक्तूबर को एडीएम प्रशासन से भी मिले। फिर भी दबंगों की हरकत बंद नहीं हुईं।

उल्टा शनिवार को पिता कस रास्ता रोककर दबंगों ने कह दिया कि अगर वह उनके उत्पीड़न से तंग है तो गांव छोड़कर चला जाए नहीं तो गांव में रहकर यह सब सहन करना होगा।


इस पर दहशत में आया पीड़ित सोमवार को एसएसपी से मिलने पहुंचा। मगर देरी से पहुंचने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। अब उनका यही कहना है कि शायद सुरक्षा मिलने की उम्मीद टूट गई है।


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