मोदी-अमित शाह किनारे, संघ ने संभाली कमान!
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महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार के साथ शिवसेना के आने को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक 25 साल पुराने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की।
संघ प्रमुख ने जिस समय ठाकरे से फोन पर बात की, उस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में मौजूद थे। माना जा रहा है कि सरकार में शामिल होने को लेकर सोमवार को भागवत उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो मोहन भागवत शिवसेना को भाजपा से अलग नहीं होने देना चाहते, इसीलिए गठबंधन को दोबारा जीवित करने के लिए उन्होंने खुद आगे बढ़कर कमान संभाली है। भागवत लगातार ठाकरे के संपर्क में बने हुए हैं।
इस बीच राज्य मंत्रिमंडल में उचित हिस्सेदारी की मांग पर अड़ी शिवसेना ने भी अपने रुख में नरमी के संकेत दिए हैं। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पूर्व सहयोगी के साथ वार्ता के दरवाजे अब भी खुले हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अगले सप्ताह अपने मंत्रिमंडल के विस्तार की घोषणा की।
आरएसएस के बड़े नेताओं के संपर्क में ठाकरे
हालांकि फडणवीस ने इस बात से इनकार किया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भाजपा और शिवसेना के बीच गतिरोध दूर कराने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ प्रमुख को शिवसेना के साथ वार्ता से कुछ लेना देना नहीं है।
खबर यह भी है कि उद्धव ठाकरे खुद भी आरएसएस के कई बड़े नेताओं के संपर्क में हैं। ठाकरे चाहते हैं कि राज्य में भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन को लेकर कोई साझा और स्वीकृत फैसला हो।
वहीं, शिव सेना के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत गीते ने एक बार फिर संकेत दिया कि पार्टी उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने नहीं जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा और शिवसेना ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि महाराष्ट्र में हम विपक्ष में बैठे हैं लेकिन केंद्र को लेकर हमारा रुख अलग है। इस बारे में अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे करेंगे।