संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मेरठ में क्यों जमाया डेरा?
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संघ प्रमुख मोहन भागवत बृहस्पतिवार से मेरठ शहर में हैं। इसकी खबर संघ नेताओं के अलावा किसी को नहीं है। मोहन भागवत के आने का कार्यक्रम सात फरवरी शाम का था, लेकिन गुपचुप तरीके से उनका मेरठ में पहले ही आकर प्रवास करना चौंका रहा है। सूत्रों की मानें तो संघ प्रमुख दिल्ली चुनाव के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नब्ज टटोल रहे हैं। इसे लेकर भाजपा नेताओं के भी कान खड़े हो गए हैं।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का आठ फरवरी को माधवकुंज शताब्दीनगर में स्वयं सेवक समागम है। इसमें मुख्य वक्ता के रूप में सर संघ चालक मोहन भागवत के आने का कार्यक्रम तय है। पूर्व में जो जानकारी जारी की गई थी, उसके अनुसार मोहन भागवत शनिवार शाम माधवकुंज आएंगे और वहां रात्रि विश्राम के बाद सुबह गाजियाबाद के लिए रवाना हो जाएंगे। वहां आयोजित स्वयं सेवक समागम को संबोधित करने के बाद दोपहर एक बजे तक वापस मेरठ आकर मेरठ प्रांत के स्वयं सेवकों और आम जनता को संबोधित करेंगे, लेकिन मोहन भागवत बृहस्पतिवार सुबह ही माधवकुंज पहुंच गए। उनके आने की सूचना संघ के क्षेत्रीय प्रमुख नेताओं के अलावा किसी को नहीं दी गई। भाजपा के वरिष्ठ नेता भी इससे अनजान रहे।
भागवत का इस तरह कार्यक्रम से तीन दिन पहले आ जाना सभी को चौंका रहा है। इस दौरान लगातार वह पुराने संघ नेताओं के साथ ही अन्य संघ नेताओं को बुलाकर वार्ता भी कर रहे हैं। उनका यह प्रवास अपने आप में कई सवाल खड़े करने के साथ ही भाजपा में चर्चा का विषय बन गया है। संघ से जुड़े नेताओं के अनुसार संघ अपनी पकड़ फिर से मजबूत करने की तैयारी में है। ऐसे में पश्चिमी क्षेत्र में संघ की हालत क्या है, यहां क्या प्रमुख मुद्दे हैं, किस क्षेत्र और किस वर्ग के बीच संघ को पैठ बनानी है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब भागवत ढूंढ रहे हैं। इतना ही नहीं इस गोपनीय प्रवास में वह भाजपा की कार्यप्रणाली और जनता के बीच किस तरह की प्रतिक्रिया है, इसे भी जान रहे हैं। माना जा रहा है कि संघ जहां आने वाले समय में पूरी तरह सक्रिय होगा, वहीं कार्यकर्ता स्तर तक संघ को ले जाया जाएगा।
एक खास वर्ग तक सिमट गए
दिल्ली चुनाव को लेकर मोहन भागवत को मेरठ के संघ नेताओं ने सतही रिपोर्ट दी है। इसमें बताया गया है कि भाजपा एक खास वर्ग और जातियों तक सिमटी हुई है। दलित और झुग्गी झोपड़ियों तक भाजपा की पकड़ नहीं बन पाई है। आने वाले समय में इस पर विशेष काम करने की जरूरत है। संघ प्रमुख ने भी इसे स्वीकार किया है और माना जा रहा है कि अब संघ का अगला कदम इसी तरफ होगा।
हिंदुत्व और धर्मांतरण भी एजेंडे में
पश्चिमी क्षेत्र के मुद्दों पर भी संघ प्रमुख नब्ज टटोल रहे हैं। इसमें गो हत्या, धर्मांतरण, लव जेहाद जैसे तमाम मुद्दों के साथ राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा।
भागवत बोले, राजेंद्र बताएंगे
शुक्रवार को मोहन भागवत के मेरठ प्रवास की जानकारी तब मिली, जब वह सांसद राजेंद्र अग्रवाल के यहां दोपहर का भोजन करने पहुंचे। हालांकि इसे भी बहुत गोपनीय रखने का प्रयास किया गया था। भागवत के निर्देश पर सिर्फ भाजपा के पूर्व विधायक मोहनलाल कपूर को ही सांसद के यहां बुलाया गया था, लेकिन मीडिया को किसी तरह भनक मिल ही गई। भागवत भोजन के बाद जब सांसद आवास से बाहर निकले तो उन्होंने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया। पहले ही सवाल पर बोले कि राजेंद्र बताएंगे, उनसे बात कीजिए और गाड़ी में बैठकर माधवकुंज के लिए निकल गए।