आरक्षण के मुद्दे पर फिर बोले भागवत, इस बार क्या कहा?
आरक्षण की समीक्षा के बयान को लेकर तीखी आलोचना झेलने वाले संघ प्रमुख मोेहन भागवत ने अब एक तरह से कोटा का समर्थन किया है। बुधवार को आरएसएस के ट्वीट के मुताबिक, भागवत ने कहा है कि जब तक सामाजिक भेदभाव है, तब तक आरक्षण की जरूरत है।
हम सभी को जाति आधारित पक्षपात को खत्म करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। संघ के प्रवक्ता ने भागवत की बात स्पष्ट करते हुए बताया कि जब समाज से भेदभाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा, तब आरक्षण बंद हो सकता है। लेकिन भेदभाव खत्म होने की बात उनके जरिये से आनी चाहिए जो इसके के शिकार रहे हैं।
मालूम हो कि बिहार चुनाव से पहले आरक्षण की समीक्षा वाले भागवत के बयान पर पार्टियों ने खूब राजनीति की थी। बाद में भाजपा की हार के लिए भी उनके बयान को जिम्मेदार ठहराने की बातें भी सामने आई थीं। हालांकि संघ ने सफाई देते हुए कहा था कि वह आरक्षण का पक्षधर है।
बयान से पलटे
इससे पहले भागवत ने आरक्षण नीति की समीक्षा करने की मांग करते हुए कहा था कि आरक्षण का उपयोग राजनीतिक हितों के लिए किया जा रहा है, ये तय होना चाहिए कि कितने लोगों को कब तक आरक्षण दिया जाना चाहिए।
संघ के मुखपत्र 'पांचजन्य' और 'आर्गेनाइजर' को दिए साक्षात्कार में भागवत ने सरकार को सुझाव दिया था कि इस मुद्दे को लेकर एक समिति का गठन करे, जो गैरराजनीतिक हो। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में 'हित समूह' गठित होते रहे हैं, लेकिन किसी एक समुदाय की आकांक्षा दूसरे समुदाय की कीमत पर नहीं पूरी होनी चाहिए।
भागवत ने कहा था कि हमारा लक्ष्य सभी के कल्याण का होना चाहिए। ये मानना अधिक विवेकपूर्ण है कि हमारा हित राष्ट्र के हित में है। सरकार को भी ऐसे मुद्दों पर संवेदनशील होने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मुद्दों के लिए आंदोलन न हो।