फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   modi will review functioning of smriti

अब 'बहना' के कामकाज की जांच करेंगे मोदी, क्यों?

Fri, 03 Jul 2015 09:27 AM IST
धीरज कनेजिया/अमर उजाला, दिल्ली
धीरज कनेजिया/अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 03 Jul 2015 09:27 AM IST
विज्ञापन
modi will review functioning of smriti

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द मानव संसाधन विकास मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा करेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इसके लिए होमवर्क करना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


ईरानी ने मंत्रालय के सचिवों और संयुक्त सचिवों को मंत्रालय की नई स्कीमों के क्रियान्वयन को लेकर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही इसके लिए ईरानी ने खासतौर से चार जुलाई को भी उच्च और स्कूल शिक्षा मामलों के सचिवों की बैठक बुलाई है।
विज्ञापन


मोदी सरकार के एक साल पूरा होने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय इस महीने ज्यादा सक्रिय दिख रहा है। चार जुलाई की बैठक के अलावा सात जुलाई को विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

टॉयलेट देखने देशभर का दौरा करेंगे नौकरशाह

modi will review functioning of smriti

यह बैठक च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को विश्वविद्यालयों में नए सत्र से लागू करने को लेकर है। सीबीसीएस को लेकर कई छात्र और शिक्षक संगठन विरोध कर रहे हैं। वही एक साल बाद बने केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड यानी कैब की बैठक 18 जुलाई को होने वाली है।

पिछले एक साल में मंत्रालय की ओर से पढ़े भारत बढ़े भारत, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान, स्वच्छ नेशनल रिसर्च प्रोफेसरशिप, इंडियन नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी, पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग आदि कई नई योजनाओं को लेकर अधिकारियों से जमीनी रिपोर्ट मांगी गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब मांगने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय स्कूलों में शौचालयों के निर्माण को लेकर गंभीर हो गया है।

लाए टॉयलेय की तस्वीर!

modi will review functioning of smriti

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संयुक्त सचिव और निदेशक स्तर के अधिकारियों को स्कूलों में शौचालयों का निर्माण कार्य देखने के लिए फरमान जारी किया गया है।

मंत्रालय के अधिकारियों को खुद बाकायदा कैमरे से टॉयलेट की तस्वीर लेने के लिए कहा गया है और अपनी रिपोर्ट में टॉयलेट के निर्माण और इसके रख रखाव से जुड़ी सुविधाओं का निरीक्षण करने की रिपोर्ट भी मांगी है। मंत्रालयों में इस फरमान को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।

मंत्रालय के अधिकारी कह रहे है कि रोजाना के अधिकारिक कामकाज को छोड़कर देशभर में शौचालयों के निर्माण कार्य का निरीक्षण का काम मुश्किल है। प्रधानमंत्री ने पिछले साल 15 अगस्त को लाल किले से सभी सरकारी कन्या विद्यालयों में शौचालयों के निर्माण का ऐलान किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed