काशी से मोदी की अपील, आत्महत्या न करें शिक्षा मित्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर डीरेका में एक आयोजित एक समारोह में उन्होंने बहुप्रतिक्षित बीएचयू ट्रॉमा सेंटर का लोकार्पण किया। इसके अलावा उन्होंने सात अन्य परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई। डीरेका में उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वाराणसी धरती का आकर्षण है। इस शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की जरुरत है जिसकी शुरुआत आज से हो रही है।
इस दौरान उन्होंने पिछले कई सालों से अपने लोकार्पण का इंतजार कर रहे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन किया। साथ ही दो नई बिजली सब स्टेशनों को हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा रामनगर में रेलवे आरक्षण केंद्र की शुरुआत की नींव भी रखी। वाराणसी में बिजली की व्यवस्था ठीक करने के लिए 572 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कहा की बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से आज से इसकी शुरुआत हो रही है। आजादी के 75वीं सालगिरह पर 2022 तक वाराणसी में 24 घंटे बिजली की सुविधा मुहैया कराई जाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
मोदी ने बताया की वाराणसी को आस-पास के जिलों से जोड़ने के लिए 11 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही उन्होंने शिक्षा मित्रों से भी संयम रखने की बात कही। उन्होंने शिक्षा मित्रों से अपील की कि वह आत्महत्या न करें। उन्होंने बेरोजगार हुए शिक्षा मित्रों को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे पर राज्य सरकार से बात करेंगे।
50 साल का काम 50 महीनों में
अपने 20 मिनट के भाषण में कहा कि राजनीति में गरीबों की माला जपने की परंपरा बन गई है। इससे परंपरा से बाहर आने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर निशाना साधते हुए कहा कि बैंकों का राष्ट्रीयकरण होने के 40 साल बाद भी गरीब बैंक की दहलीज तक पहुंच नहीं पाया था।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत एक साल में 18 करोड़ नए खाते खुले हैं। जो 50 साल में हर गरीब का बैंक में खाता नहीं खोल पाए वे मुझसे हिसाब मांग रहे हैं इख खाते आपरेट हो रहे हैं या नहीं। गरीबों की ताकत देखिए कि उन्होंने इन खातों में 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक जमा कर दिया। जो काम 50 साल में पिछली सरकारें नहीं कर पाईं वह 50 महीने में करके दिखाऊंगा। उन्होंने कहा कि आज गरीबों के कल्याण केलिए मूलभूत बातों पर फिर से सोचने की जरूरत है। गरीब मेहनत करने को तैयार है और गरीबी की गिरफ्त से बाहर निकलना चाहता है।
स्किल डेवलपमेंट से जोड़कर हुनरमंद बनाने पर जो आज 100 रुपये कमाता है वह 200 कमाने लगेगा। गरीब की जिंदगी में टेक्नालाजी का प्रवेश कराकर गरीबी मिटाई जा सकती है। इसके लिए सरकार ने स्किल डेवलपमेंट अभियान चलाया है। हुनर सीखने के बाद कोई व्यक्ति पहले से कम परिश्रम करके ज्यादा कमा सकता है। पीएम ने समारोह में 501 साइकल रिक्शा, ठेले और 101 ई-रिक्शों का वितरण किया। इनका वितरण बैंकों, अमेरिकन फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। समारोह मेंराज्यपाल रामनाईक, जेल मंत्री बलराम यादव आदि मौजूद रहे।
गरीब जानता हैं प्रबंधन
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने रिक्शावालों से पूछा कि बनारस की संकरी गलियों में ई रिक्शा चला पाओगे। उसने कहा कि स्किल डेलवपमेंट से हमारा कांफिडेंस बढ़ गया है। मगर बनारस की गलियां संकरी हैं और मुझे संभल कर चलना है। ऐसे में स्पीड कानून के मुताबिक ही रखूंगा।
ठेला पाने वाली एक महिला ने बताया कि पहले एक जगह बैठकर सब्जी बेचती थी। अब टाइम टेबल बनाकर मुहल्ले-मुहल्ले जाऊंगी। ज्यादा सब्जी बिकेगी और कमाई ज्यादा होगी। अनपढ़ महिला भी बिजनेस का पर्फेक्ट मैनेजमेंट जानती है। उन्होंने कहा काशी में दुनिया भर के सैलानी आते हैं। उनका पहला परिचय रिक्शा वालों से ही होता है। रिक्शा वाले यात्री से जैसा व्यवहार करेंगे, उनके मन में शहर की वैसी ही छवि बनेगी। इसलिए यहां टूरिस्ट के लिए स्पेशल रिक्शा की व्यवस्था की गई।
ऐसी छोटी छोटी बातें बदलाव लाती हैं। जिनको रिक्शा देने के लिए चुना गया है वे किराए पर रिक्शा चलाते थे। अब उन्हें किराए से मुक्ति मिल गई है। कम दर में बैंक को किस्त जमा करके दो साल में में रिक्शा का मालिक बन जाएंगे। बचत होने लगेगी तो उनकी हालत भी सुधरेगी।
मांगा बाबा विश्वनाथ से आशीर्वाद
प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी के विकास का काम शुरू किया है। भगवान विश्वनाथ आशीर्वाद दें कि यह काम सफल हो। उन्होंने सुरक्षा बंधन अभियान के दौरान बनारस से भेजी गई राखियों से भी सबका आभार व्यक्त किया।
रिक्शा वितरण समारोह में आईडीबीआई बैंक के सीईओ किशोर पिराजी करात, सिडबी के चेयरमैन छत्रपति शिवाजी, आईडीबीआई बैंक के एमडी बालकृष्ण बत्रा, एग्जक्यूटिव डायरेक्टर एसकेवी श्रीनिवासन, यूको बैंक के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर चरण सिंह, भारतीय महिला बैंक की एग्जक्यूटिव डायरेक्टर एसएम स्वाति, काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक के चेयरमैन भोला प्रसाद, भारतीय माइक्रो क्रेडिट के प्रबंध निदेशक विजय पांडेय आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।
गरीबों को दान किया ई-रिक्शा
इससे पहले नरेंद्र मोदी ने अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से रिक्शा चालकों को 101 ई-रिक्शा और 501 साइकिल रिक्शा भेंट किए। इससे पहले भारी बारिश के कारण तीन बार उनका दौरा रद्द हो चुका था। छावनी क्षेत्र के मल्टीपरपज मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने एक बार फिर विपक्ष को निशाने पर लिया।
विपक्ष पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश की पूर्व सरकारों ने हमेशा गरीबी हटाओ के नारे लगाकर अपनी राजनीति की। मोदी ने कहा कि सही मायनों मे गरीबी कैसे हट सकती है, हमें इसपर विचार करना होगा। देश में गरीबों की माला जपना एक परंपरा बन गई है। उन्होंने कहा कि तकनीक से गरीब का जीवन बदलेगा।
नरेंद्र मोदी ने काशी से गरीबी उन्मूलन मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि गरीबी हटाओ के नारे से 50 साल में कुछ नहीं हुआ लेकिन वे 50 महीने में इसे पूरा करके दिखाएंगे। गरीब को साथ लेकर ही गरीबी हटाई जा सकती है। अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा और आधुनिक तकनीक से जोड़कर लोगों की आय बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए सरकार स्किल डेलवपमेंट कार्यक्रम चला रही है। उन्होंने कहा कि यह उनका विजन है और इसका प्रयोग वे काशी से शुरू कर रहे हैं।