'चायवाले नहीं, कैंटीन के ठेकेदार थे मोदी'
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चाय बेचने का दावा कर अपनी साधारण पृष्ठभूमि का यकीन दिलाने की नरेंद्र मोदी की कोशिश पर सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने सवाल उठाए हैं।
अहमद पटेल ने कहा है कि नरेंद्र मोदी का ‘चाय पे चर्चा’ सिर्फ चुनावी तमाशा है। ‘चाय पे चर्चा’ का यह नाटक सिर्फ चुनाव को ध्यान में रख कर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘टी सेलर्स एसोसिएशन ने मुझे बताया है कि नरेंद्र मोदी ने कभी चाय नहीं बेची। वह कैंटीन के कांट्रेक्टर थे।’
सरदार पटेल की विरासत हड़पने का आरोप
मोदी पर सरदार पटेल की विरासत को हड़पने का आरोप लगाते हुए अहमद पटेल ने कहा कि उनकी सबसे लंबी प्रतिमा बनाकर वह प्रधानमंत्री पद के लिए सीढ़ी तैयार करना चाहते हैं।
उन्होंने विकास के लिए मोदी के गुजरात मॉडल की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, यह विकास का गुजरात मॉडल नहीं हो सकता। गुजरात मॉडल महात्मा गांधी और सरदार बल्लभभाई पटेल की विचारधाराओं पर आधारित है।
सोनिया के राजनीतिक सचिव ने कहा कि कुछ लोगों को अचानक सत्ता मिल गई और वे गांधी, सरदार पटेल और आंबेडकर जैसे नेताओं की विचारधारा को भूल गए। अहमद ‘स्वराज कच्छ’ रैली में बोल रहे थे।
पीछे से नंबर एक है गुजरात: पटेल
रैली में जाने-माने नागरिक अधिकार कार्यकर्ता लालजी देसाई मालधारी समुदाय के अपने सैकड़ों अनुयायियों के साथ कांग्रेस में शामिल हुए। अहमद पटेल ने कहा कि गुजरात स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरे सामाजिक क्षेत्रों में पिछड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी के प्रोपगंडा के मुताबिक गुजरात नंबर एक है, लेकिन पीछे से। जहां तक प्राथमिक शिक्षा के प्रसार का सवाल है तो गुजरात देश में 28वें नंबर पर है।