ब्रिक्स सम्मेलन के लिए मोदी ब्राजील रवाना
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन में भाग लेने रविवार को ब्राजील रवाना हो गए। रविवार शाम तक वह बर्लिन पहुंच चुके थे, जहां से सोमवार को वह ब्राजील के लिए रवाना होंगे। बतौर प्रधानमंत्री मोदी की भूटान के बाद यह दूसरी विदेश यात्रा है।
ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी हालांकि इन देशों के सभी शासनाध्यक्षों से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। लेकिन सबकी निगाहें मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात पर है। माना जा रहा है कि मोदी और जिनपिंग के बीच होने वाली बातचीत में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, व्यापार असंतुलन दूर करने के अलावा सीमा विवाद, नत्थी वीजा और घुसपैठ मामला उठेगा।
इस मुलाकात के इतर सम्मेलन में भारत की कोशिश बड़ी अर्थव्यवस्था और प्रचुर संसाधनों व संभावनाओं वाले इन पांच देशों को विकसित देशों के मुकाबले खड़ा करने की होगी। प्रधानमंत्री मोदी शुरू से ही ब्रिक्स, सार्क सहित एशिया के मंचों को आर्थिक हित साधने के लिए मजबूत बनाने के पक्षधर रहे हैं। ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी के साथ ब्राजील जाने वालों में वित्त राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश सचिव सुजाता सिंह और वित्त सचिव अरविंद मायाराम भी शामिल हैं।
चीन यात्रा पर जा सकते हैं मोदी
नई सरकार की कोशिश चीन से आयात कम करने के साथ ही निर्यात बढ़ाकर व्यापार असंतुलन कम करने की है। भारत फिलहाल चीन से करीब 70 अरब डॉलर का माल आयात करता है। इसके अलावा भारत की कोशिश चीन को अपने यहां औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए राजी करने की होगी, जिससे बड़े सामान का निर्यात करने के बदले चीन इसका निर्माण भारत में ही करे। बातचीत के दौरान मोदी की चीन यात्रा का कार्यक्रम भी बनने की उम्मीद है।
ब्रिक्स विकास बैंक की स्थापना की मांग
सम्मेलन में ब्रिक्स विकास बैंक की स्थापना को अंतिम रूप दिए जाने के साथ ही संयुक्त राष्ट्र के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संगठनों में सुधार की मांग की जाएगी। प्रधानमंत्री 14 और 15 जुलाई को होने जा रहे ब्रिक्स सम्मेलन में शिरकत करने के बाद ब्रिक्स देशों के अन्य शासनाध्यक्षों के साथ 16 जुलाई को ब्राजील की राजधानी ब्राजीलिया में दक्षिण अमेरिका के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री 17 जुलाई स्वदेश वापस लौटेंगे।