मोदी ने ओबामा-एबट को सुनाई लखनऊ की एक 'खास' कहानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबट से एक मशहूर अमेरिकी वास्तुविद की रोचक कहानी साझा की। इस कहानी का दिलचस्प पहलू यह है कि इस वास्तुविद का तीनों देशों के साथ भावनात्मक संबंध रहा है।
जी-20 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने आए इन नेताओं के बीच अमेरिकी वास्तुविद वॉल्टर बर्ले ग्रिफिन को लेकर ही चर्चा होती रही। इसी वास्तुविद ने ऑस्ट्रेलियाई राजधानी कैनबरा का डिजाइन तैयार किया था और उसकी कब्र लखनऊ में है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन के ट्विटर अकाउंट पर उक्त तीनों नेताओं के आपस में बातचीत करते फोटो अपलोड किए गए हैं। इन्हीं फोटो में से एक फोटो लखनऊ के क्रिश्चियन समिट्री स्थित कब्र की भी है।
लखनऊ में है वास्तुविद की कब्र
मालूम हो कि ग्रेटर सिडनी डेवलपमेंट एसोशिएशन में अपने समय के दौरान ग्रिफिन ने लखनऊ विश्वविद्यालय में पुस्तकालय डिजाइन करने के लिए 1935 में एक अनुबंध जीता था। इसके बाद वह भारत आ गए थे। इस दौरान उन्हें कई और प्रोजेक्ट मिल गए।
इसी बीच गॉल ब्लाडर की सर्जरी के दौरान ग्रिफिन की 11 फरवरी, 1937 को 61 साल की अवस्था में मौत हो गई थी। शिकागो के प्रेइरे स्कूल से प्रभावित ग्रिफिन ने अनोखी वास्तुशैली का विकास किया। उन्होंन अपनी पत्नी मैरिआन के साथ मिलकर काम किया।
इस दौरान उन्होंने 28 साल में दोनों ने 350 से अधिक इमारतों और शहरी परियोजनाओं के डिजाइन तैयार किए। ग्रिफिन अपने लैंडस्कैप डिजाइन के लिए प्रसिद्ध थे।