मोदी आज पेश करेंगे सरकार बनाने का दावा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के भावी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर केंद्र में नई सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।
पूर्ण बहुमत के साथ लोकसभा चुनाव जीत चुके मोदी को राष्ट्रपति के बुलावे का भी इंतजार है, क्योंकि चुनाव आयोग पहले ही चुने गए सांसदों की सूची राष्ट्रपति को सौंप चुका है।
राष्ट्रपति भवन परिसर में होगा शपथ
संसद के सेंट्रल हाल में भाजपा समेत एनडीए के नवनिर्वाचित सांसदों की बैठक के बाद मोदी के राष्ट्रपति भवन जाने की संभावना है। मोदी के पास पूर्ण बहुमत है। इसलिए भाजपा को अब किसी भी दल से समर्थन का पत्र राष्ट्रपति को सौंपने की चिंता नहीं है।
भाजपा और एनडीए के नवनिर्वाचित सांसदों की ओर से संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद मोदी शाम को राष्ट्रपति भवन जा सकते हैं। इधर, भाजपा में सरकार और पार्टी के स्वरूप को लेकर माथापच्ची जारी है।
कई नामों पर जोरों पर चर्चा
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन नए अध्यक्ष के चुनाव तक वे पार्टी की कमान थामे रहेंगे। नए अध्यक्ष के तौर पर नितिन गडकरी और जेपी नड्डा का नाम चल रहा है, लेकिन गडकरी के मंत्री बनने की ज्यादा संभावना है।
पार्टी के भीष्म पितामह लालकृष्ण आडवाणी के स्पीकर बनने की बजाए संरक्षक की भूमिका में ही रहने की चर्चा है। हालांकि पहले कहा जा रहा था कि वे लोकसभा स्पीकर बन सकते हैं, लेकिन अब नए स्पीकर के तौर पर करिया मुंडा का नाम सामने आ रहा है।
राजनाथ, जेटली, गडकरी और सुषमा के नाम की चर्चा
वे 15वीं लोकसभा में डिप्टी स्पीकर रह चुके हैं। मोदी के मंत्रिमंडल में राजनाथ को गृह, अरुण जेटली को वित्त मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। वित्त मंत्री के तौर पर अरुण शौरी का नाम भी सामने आ रहा है।
सुषमा को मानव संसाधन विकास मंत्री बनाने की बात हो रही है। गडकरी को रेल या शहरी विकास मंत्री और बीसी खंडूरी को राष्ट्रीय राजमार्ग व सड़क परिवहन मंत्री बनाया जा सकता है।
रामविलास पासवान का भी नाम जोरों पर
विदेश मंत्री के तौर पर रविशंकर प्रसाद का नाम चल रहा है। एनडीए के सहयोगियों में एलजेपी प्रमुख रामविलास पासवान को इस बार रेल मंत्रालय मिलने की कोई संभावना नहीं है।
शिवसेना का मंत्रिमंडल में शामिल होना तय है, लेकिन शिरोमणि अकाली दल सरकार में शामिल नहीं होने की बात कह चुका है।