ममता ने बढ़ाई PMO की टेंशन, बोस के परिवार से मिलेंगे मोदी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने के फैसले ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को बौखला दिया है।
यही वजह है कि 11 सितंबर को इन फाइलों को सार्वजनिक करने के उनके ऐलान के बाद पीएमओ से नेताजी के परिजनों को आठ दिनों के दौरान न सिर्फ सात बार फोन आ चुका है, बल्कि आनन-फानन में मुलाकात का वक्त भी तय कर लिया गया है।
केंद्र के पास रखी नेताजी से जुड़ी फाइलों को लेकर बोस के परिजन अगले महीने की 14 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। नेताजी के परिजनों के अलावा उनके जीवन पर शोध करने वाले शोधकर्ताओं की एक टीम भी उस मुलाकात के दौरान मौजूद रहेगी।
पीएमओ की इस हड़बड़हाट से साफ है कि ममता का सियासी दांव मोदी पर भारी साबित हो रहा है। पीएमओ से मुलाकात के दौरान होने वाली बातचीत का एजेंडा और दूसरे ब्योरे मांगे गए हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिजन चंद्र बोस को शनिवार को भी पीएमओ से फोन किया गया था।
बोस ने बताया कि उनसे मुलाकात के दौरान मौजूद रहने वाले लोगों की सूची मांगी गई है। हमसे बैठक का एजेंडा मांगा गया है।
बोस के मुताबिक, मोदी के साथ मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व केंद्रीय गृह सचिव भी मौजूद रहेंगे। चंद्र बोस उम्मीद जताते हैं कि शायद इस बार प्रधानमंत्री फाइलों को सार्वजनिक करने को लेकर गंभीर हैं।
जासूसी कांड की जांच की मांग करेंगे परिजन
चंद्र बोस कहते हैं, हमारे परिवार के 35 सदस्यों के अलावा 14 शोधकर्ता और विद्वान भी मोदी के साथ मुलाकात के दौरान मौजूद रहेंगे। उनके मुताबिक, इस बार पीएमओ काफी सक्रिय नजर आ रहा है और पूरी तरह सहयोग कर रहा है।
मोदी से मुलाकात के दौरान बोस के परिजन उनसे जासूसी कांड की जांच कराने की मांग उठाएंगे। उनसे ब्रिटिश व रूसी सरकारों के पास रखी नेताजी से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करने के लिए उनको पत्र लिखने का भी अनुरोध करेंगे।
बोस कहते हैं कि नेताजी से जुड़ी फाइलों में कई ऐसे पत्र भी हैं, जो कभी बोस परिवार तक पहुंचे ही नहीं। बोस के मुताबिक, नेताजी के परिजनों की विदेशों में भी जासूसी कराई जाती थी।
फूंक-फूंक कर कदम रख रही भाजपा
दूसरी ओर, फाइलें सार्वजनिक होने के बाद बैकफुट पर आई भाजपा भी इस मुद्दे पर फूंक-फूंककर कदम रख रही है। पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कैलाश विजयवर्गीय कहते हैं कि नेताजी के परिजनों ने हाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी और अब अगले महीने वह प्रधानमंत्री से भी मुलाकात करेंगे।
फाइलों को सार्वजनिक करने का फैसला सरकार ही करेगी। तृणमूल कांग्रेस के सुर में सुर मिलाते हुए भाजपा का कहना है कि नेताजी हमारे राष्ट्रीय हीरो हैं और आम लोगों को उनके बारे में सच जानने का पूरा हक है।
गौरतलब है कि ममता बैनर्जी ने नेताजी से जुड़े 64 दस्तावेजों को सार्वजनिक कर केंद्र की बीजेपी सरकार पर करीब 130 दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का दबाव बढ़ा दिया है।