पीएम मोदी के ‘मन की बात’ पर टिकी सबकी नजरें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए जनता से संवाद करेंगे। देशभर में बढ़ती असहिष्णुता की घटनाओं को देखते हुए प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर विपक्ष की भी खास नजर है।
दादरी कांड, हरियाणा में दलित कांड, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के विवादित बयान और राष्ट्रपति की नसीहत जैसे तमाम मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार निशाने पर है। साहित्यकार भी पुरस्कार वापस कर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
साथ ही दाल की बढ़ती कीमतों समेत महंगाई के मुद्दे को लेकर भी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। बिहार चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर विपक्ष लगातार निशाना साध रहा है।
विपक्ष का आरोप काम की एक बात नहीं करते पीएम
विपक्ष प्रधानमंत्री पर आरोप लगाता रहा है कि मन की बात में वह काम की एक भी बात नहीं करते। पिछले मन की बात कार्यक्रम को लेकर भी विपक्ष ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया था कि उन्होंने डेंगू और महंगाई जैसे विषयों पर बोलने से परहेज किया था।
दादरी कांड और राष्ट्रपति की नसीहत को लेकर बिहार चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री बोल चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रपति की नसीहत का सम्मान करते हुए देश के सभी धर्मों को एकजुटता से रहने की बात कही थी।
प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों के विवादित बयान और महंगाई जैसे मुद्दे पर अभी तक कुछ नहीं बोला है। अब देखना होगा की इस बार पीएम मन की बात में देशवासियों के मन की बात करते हैं या हमेशा की तरह अपने मन की?