'नाराज' मोदी ने मीडिया पर साधा निशाना
मीडिया के एक पक्ष द्वारा लगातार निशाना बनाए जाने के बाद नाराज दिख रहे मोदी ने एक कार्यक्रम में मीडिया पर अपरोक्ष रूप से निशाना साधा। एक कार्यक्रम में बोलते हुए मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का बड़ा महत्व है।
आलोचना हर स्तर पर होनी चाहिए, खासकर सरकार के कार्यों को लेकर तो जरूर। आलोचना का जोरदार पक्ष लेते हुए मोदी ने कहा कि आलोचना का महिमामंडन होना चाहिए। इससे अच्छा कार्य करने की प्रेरणा तो मिलती ही है कार्य का स्तर भी सुधरता है।
इसी बीच उनका निशाना मीडिया बन गया। उन्होंने नाराजगी जताई कि सिर्फ आलोचना के बजाय आजकल आरोप ज्यादा लगाए जा रहे हैं, लेकिन सिर्फ आरोप लगाने से कुछ नहीं होता। इससे चीजें वहीं की वहीं रह जाती हैं।
आलोचना न करने से बिगड़ रहे सत्ता में बैठे लोग
आरोप लगाने से कुछ निषकर्ष नहीं निकलता। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ती। जबकि आलोचना के लिए दिमाग लगाना पड़ता है। इसके आगे बढ़ते हुए मोदी ने कहा कि यह लोकतंत्र का दुर्भाग्य है कि यहां आलोचना नहीं होती।
भारत के उज्जवल भविष्य के लिए आलोचना करनी चाहिए। मीडिया को भी आरोप लगाने की बजाय अलोचना पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। जिससे कुछ सार्थक निकल कर सामने आ सके। हम जितनी सटीक आलोचना करेंगे उतनी ज्यादा विचारों मे शुदि्ध आएगी। जितनी हम गलत आलोचना करेंगे उतनी ही चीजें बिगड़ेंगी।
उन्होंने कहा आलोचना न होने से ही सरकारें बर्बाद हो रही हैं। इसलिए हमे 2015 में आलोचना करने का संकल्प लेना चाहिए। हालांकि मोदी के इस बयान के बाद मीडिया के एक वर्ग से उनकी आलोचना के सुर भी उठने लगे हैं।